स्पेस सेक्टर में चीन अब तेज़ी से आगे बढ़ना चाहता है। इसके लिए चीन ने चांद पर कुछ अलग करने का बड़ा प्लान बनाया है। क्या है चीन का यह बड़ा प्लान? आइए जानते हैं।
चीन (China) एक बेहद ही महत्वाकांक्षी देश है और यह बात किसी से भी छिपी नहीं है। चीन की हमेशा ही यह कोशिश रहती है कि वो हर क्षेत्र में सबसे आगे रहे। इसके लिए चीन हर ज़रूरी और संभव काम भी करता है। चीन कई सेक्टर्स में काम कर रहा है और आगे बढ़ने की कोशिश में लगा हुआ है और इनमें से एक स्पेस सेक्टर भी है। चीन के स्पेस मिशन में चांद भी शामिल है और चांद के लिए चीन का एक बड़ा प्लान है।
चांद के दक्षिणी ध्रुव पर चीन बनाएगा रिसर्च स्टेशन
चीन अपने महत्वाकांक्षी प्लान के तहत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर 2035 तक अंतरराष्ट्रीय चंद्र अनुसंधान स्टेशन (ILRS) बनाने की तैयारी कर रहा है। इसे लेकर चीन ने दो अलग-अलग चरणों में प्लान बनाया है। इसे लेकर चीन ने एक वीडियो जारी कर चंद्रमा पर रिसर्च को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी दी है।
बुनियादी अनुसंधान सुविधाएं कराएगा उपलब्ध
चीन पहले चरण में 2035 तक चांद के दक्षिणी ध्रुव पर एक बुनियादी सिसर्च स्टेशन की स्थापना करेगा। यह सिसर्च स्टेशन बुनियादी अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध कराएगा और साथ ही सीमित संसाधनों के उपयोग से वैज्ञानिक प्रयोग भी किए जा सकेंगे।
दक्षिणी ध्रुव ही क्यों चुना चीन ने?
चांद के दक्षिणी ध्रुव पर स्थायी रूप से छाया रहती है। ऐसे में वहाँ पानी के लिए बर्फ मिल सकती है और इसी बात को ध्यान में रखते हुए चीन ने चांद के दक्षिणी ध्रुव को चुना।
दूसरे चरण में 2045 तक चंद्रमा की सतह पर व्यापक रिसर्च स्टेशन
चीन का प्लान 2045 तक चांद पर एक बड़ा और व्यापक रिसर्च स्टेशन बनाने का भी है। इस स्टेशन का उद्देश्य चांद के साथ ही मंगल ग्रह के भविष्य के मिशनों के आधार तैयार करना है।
दूसरे देश भी तैयारियों में जुटे
चांद की सतह पर रिसर्च के लिए चीन के अलावा भारत (India), अमेरिका (United States Of America), रूस (Russia) और यूरोप (Europe) भी तैयारियों में जुटे हैं।
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