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चीन की भारत को चेतावनी- अगर जर्नलिस्टों को निकाला तो गंभीर नतीजे भुगतने होंगे

भारत द्वारा चीन के तीन जर्नलिस्टों को वीजा एक्सटेंशन न देने और देश से बाहर निकाले जाने के फैसले के बाद चीन ने भारत को चेतावनी दी है। चीन की स्टेट मीडिया की ओर से कहा गया है- अगर भारत ने एनएसजी में विरोध का बदला लिया है तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
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Updated: 25 Jul 2016, 11:28 AM IST
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भारत द्वारा चीन के तीन जर्नलिस्टों को वीजा एक्सटेंशन न देने और देश से बाहर निकाले जाने के फैसले के बाद चीन ने भारत को चेतावनी दी है। चीन की स्टेट मीडिया की ओर से कहा गया है- अगर भारत ने एनएसजी में विरोध का बदला लिया है तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।

ग्लोबल टाइम्स ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा- 'अगर वास्तव में भारत ने एनएसजी की सदस्यता मामले पर चीन के नकारात्मक रुख का बदलना लेने के लिए चीनी जर्नलिस्टों को देश से बाहर निकाल रहा है तो इसके गंभीर नतीजे भारत को भुगतने होंगे।' इसके अलावा कहा गया है कि अगर उसके जर्नलिस्टों को देश से बाहर निकाला जाता है तो भारतीयों को भी वीजा मिलने में परेशानी होगी।

क्या है मामला?

भारत ने चीन के तीन जर्नलिस्टों का वीजा बढ़ाने से इंकार करते हुए 31 जुलाई तक देश छोड़ने को कहा था। यह फैसला भारतीय एजेंसियों के अलर्ट के बाद लिया गया है। तीनों जर्नलिस्ट भारत में चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी सिन्हुआ को रिप्रजेंट करते हैं। जानकारी के मुताबिक इनमें से एक जर्नलिस्ट दिल्ली और दो मुंबई में कार्यरत है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियां पिछले कुछ महीनों से इनपर नजर बनाए हुई थी। जिन तीन जर्नलिस्टों का वीजा बढ़ाने से इंकार किया गया है, उनमें सिन्हुआ के दिल्ली ब्यूरो चीफ वाउ कियांग और मुंबई में तैनात दो रिपोर्टर लु तांग तथा शी योंगांग है।

जर्नलिस्टों पर क्या है आरोप

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फैसला सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद लिया गया है। तीनों पर आरोप है कि उन्होंने किसी और नाम और पहचान का इस्तेमाल करके कुछ ऐसी जगहों की विजिट की है, जहां आम लोगों और मीडिया के जाने पर मनाही है।

भारत-चीन रिश्तों पर क्या होगा असर?

बता दें कि भारत की ओर से जर्नलिस्टों को निकाले जाने के कारणों का खुलासा नहीं किया गया है। चीनी एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर निकाले जाने की वजह साफ नहीं की गई, तो जाहिर है दोनों देशों के संबंधों पर इसका असर पड़ेगा। विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि इन तीनों जर्नलिस्टों की जगह दूसरे जर्नलिस्टों को चीन भेज सकता है।

(FILE PHOTO)

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