चीन में 15 साल से चल रहा तलाक का मामला आखिरकार खत्म हो गया है। एक अदालत ने एक जाने-माने निवेशक को अपनी पूर्व पत्नी को लगभग 53.6 करोड़ युआन (7.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर या 664.7 करोड़ रुपए) चुकाने का आदेश दिया है।
China Warren Buffett: चीन में एक लंबे कानूनी संघर्ष के बाद 15 साल पुराना तलाक का मामला समाप्त हो गया। बीजिंग नंबर 3 इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने मशहूर निवेशक झाओ बिंगशियान को अपनी पूर्व पत्नी लू हुआन को 53.6 करोड़ युआन (लगभग 7.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर या 664.7 करोड़ रुपये) चुकाने का आदेश दिया है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह फैसला दंपति द्वारा सह-स्थापित निवेश कंपनी बीजिंग झोंगझेंग वानरोंग इन्वेस्टमेंट ग्रुप के शेयरों के बराबर बंटवारे पर आधारित है।
कोर्ट ने फैसला सुनाया कि दंपति को कंपनी के शेयरों को बराबर-बराबर बांटना होगा। झाओ को लू को संयुक्त स्वामित्व वाले शेयरों के वर्तमान मूल्य के आधार पर आधा हिस्सा चुकाना पड़ेगा। शेन्ज़ेन में सूचीबद्ध शेडोंग वोहुआ फार्मास्युटिकल कंपनी ने 4 नवंबर को इसकी घोषणा की, जिसमें बताया गया कि झोंगझेंग वानरोंग उसकी मूल कंपनी है और झाओ इसके अध्यक्ष हैं। यह फैसला 2023 में हुई दूसरी सुनवाई के बाद आया, जो वर्षों की देरी के बाद 2025 में निपटारा हुआ।
63 वर्षीय झाओ बिंगशियान को उनकी वित्तीय सफलता के लिए 'चीन का वॉरेन बफेट' कहा जाता है। उन्होंने 1980 के दशक में शंघाई जिओ टोंग विश्वविद्यालय से वित्त में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। 1986 में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी में सेवा के दौरान वे लू से मिले और 1988 में शादी कर ली। लू का परिवार निवेश की पृष्ठभूमि वाला था; उनके दादा 1949 से पहले शेयर व्यापार करते थे।
दंपति ने 1990 के दशक में शेयर व्यापार शुरू किया और अच्छा मुनाफा कमाया। बाद में झोंगझेंग वानरोंग की स्थापना की, जहां लू वित्त प्रबंधन संभालती थीं और झाओ पूंजीगत संचालन। कंपनी ने कई चीनी फर्मों को हांगकांग, शंघाई और शेन्ज़ेन स्टॉक एक्सचेंजों में लिस्टिंग में मदद की। 1997 में झाओ की पूंजी संचालन पर किताब चीन के टॉप 10 बेस्टसेलर में शामिल हुई, जिसने उनकी 'बफेट' वाली छवि बनाई।
2010 में लू ने झाओ पर घरेलू हिंसा, एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर और संपत्ति हड़पने के आरोप लगाते हुए तलाक की अर्जी दी। झाओ ने सुनवाई में कई बार देरी की, कंपनी संपत्ति स्थानांतरित करने का आरोप लगाया और लू पर चोरी का मुकदमा चलाया। लू को 37 दिनों तक हिरासत में रखा गया, लेकिन सबूत न मिलने पर रिहा कर दिया गया। मामला 2010 से 2023 तक कई अदालतों में घूमता रहा, जिसमें झाओ ने बीमारी और यात्रा का हवाला देकर भागने की कोशिश की।