लीक हुई इस CIA रिपोर्ट ने न सिर्फ पुराने दावों को फिर से चर्चा में ला दिया है, बल्कि यह भी सवाल उठाती है कि सरकारें हमसे कितना कुछ छिपाती हैं।
दशकों पुराना एक रहस्य, जो ठंडे युद्ध के साये में दफन हो चुका था, अब एक लीक हुई CIA रिपोर्ट ने फिर से जिंदा कर दिया है। यह सनसनीखेज दस्तावेज़, जो महज एक पन्ने का है, सोवियत सैनिकों के साथ हुई एक ऐसी भयावह घटना का दावा करता है, जिसे सुनकर रूह कांप उठती है। दावा है कि 1989 या 1990 में, एक अनजान उड़न तस्तरी (UFO) के संपर्क में आने के बाद सोवियत सैनिक पत्थर की मूर्तियों में बदल गए थे। यह खुलासा 250 पन्नों की KGB फाइल से हुआ, जिसे सोवियत संघ के पतन के बाद 1991 में CIA ने कथित तौर पर हासिल किया था।
रिपोर्ट में कनाडाई अखबार Weekly World News और यूक्रेनी अखबार Holos Ukrayiny की खबरों का हवाला दिया गया है। इसमें लिखा है कि यह घटना “बाहरी प्राणियों की बदले की भावना का एक खौफनाक चित्र” पेश करती है, जो “खून को जमा देने वाला” है। यह दस्तावेज़ उस वक्त की एक ऐसी कहानी बयान करता है, जो विज्ञान, रहस्य और डर के बीच की सीमा को धुंधला कर देती है।
KGB फाइल के अनुसार, यह घटना यूक्रेन—या कुछ सूत्रों के मुताबिक साइबेरिया—में एक सैन्य अड्डे के पास हुई। उस वक्त 23 सोवियत सैनिक प्रशिक्षण अभ्यास में व्यस्त थे। तभी उनकी नजर आसमान में एक “तश्तरी के आकार के निचले स्तर पर उड़ते अंतरिक्ष यान” पर पड़ी। सैनिकों की सांसें थम गईं, लेकिन डर के बावजूद एक सैनिक ने हिम्मत जुटाई और उसने सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल दाग दी। मिसाइल ने निशाना साधा, और वह रहस्यमयी यान धरती पर आ गिरा।
लेकिन जो हुआ उसके बाद, वह किसी दुःस्वप्न से कम नहीं था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यान के मलबे से पांच छोटे कद के प्राणी बाहर निकले। ये प्राणी इंसानों जैसे थे, लेकिन उनके “बड़े सिर और काली आंखें” किसी और दुनिया की कहानी कह रही थीं। ये कोई साधारण मुलाकात नहीं थी। इन प्राणियों ने सोवियत सैनिकों पर एक ऐसी शक्ति का इस्तेमाल किया, जिसने बचे हुए सैनिकों को स्तब्ध कर दिया। कुछ ही पलों में, जिन सैनिकों ने उन पर हमला किया था, वे जीवित इंसानों से पत्थर की मूर्तियों में बदल गए।
यह दावा जितना चौंकाने वाला है, उतना ही रहस्यमयी भी। क्या वाकई कोई ऐसी ताकत धरती पर उतरी थी, जो इंसानों को पत्थर में बदल सकती थी? या यह सोवियत संघ की किसी गुप्त सैन्य तकनीक का परिणाम था, जिसे छिपाने के लिए एलियन की कहानी गढ़ी गई? CIA की इस लीक रिपोर्ट ने इन सवालों को हवा दे दी है।
रिपोर्ट में उन प्राणियों का और कोई विवरण नहीं है। न ही यह स्पष्ट है कि वे यान और उनके साथी कहां गए। बचे हुए सैनिकों की गवाही, अगर कोई थी, तो वह भी इस दस्तावेज़ में शामिल नहीं है। लेकिन यह कहानी इतनी डरावनी है कि इसने दुनियाभर में कौतूहल जगा दिया है। क्या यह सचमुच धरती पर एलियनों की मौजूदगी का सबूत है? या फिर यह कोल्ड वॉर के दौर की अफवाहों और प्रचार का हिस्सा था?
लीक हुई इस CIA रिपोर्ट ने न सिर्फ पुराने दावों को फिर से चर्चा में ला दिया है, बल्कि यह भी सवाल उठाती है कि सरकारें हमसे कितना कुछ छिपाती हैं। क्या अंतरिक्ष में कोई और सभ्यता है, जो हमारी दुनिया पर नजर रख रही है? क्या वे दोस्त हैं या दुश्मन? और अगर यह सच है, तो क्या वे फिर कभी लौटेंगे?