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क्या ईरान पर जल्द कर सकता है अमेरिका अटैक? वेनेजुएला की भी की थी इसी तरह घेराबंदी

अमेरिका बीते कुछ समय से ईरान की घेराबंदी कर रहा है। यह घेराबंदी ठीक वैसी ही है, जैसा मादुरो की गिरफ्तारी से पहले अमेरिका ने किया था। पढ़ें पूरी खबर...

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Jan 27, 2026
अमेरिकी नौसेना (फोटो- ANI)

अमेरिका ने ईरान के आसपास ओमान की खाड़ी में अपने सैन्य बेड़े को बढ़ा दिया है। युद्धपोत, एयरक्राफ्ट कैरियर, यूएसएस अब्राहम लिंकन वॉरशिप और मिसाइल सिस्टम को तैनात कर दिया है। इससे पूरे खाड़ी रीजन में तनाव की स्थिति बनी हुई है। अमेरिका ने ठीक वैसे ही ईरान पर सैन्य दवाब बनाने की रणनीति अपनाई है, जैसा कि उसने वेनेजुएलाई राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने से पहले किया था।

उस समय भी अमेरिका ने वेनेजुएला के समुद्री सीमा के करीब कैरेबियन सागर में अपने जंगी बेड़े तैनात किए थे। कई जहाजों को यह कहकर भी निशाना बनाया था कि उसका इस्तेमाल नार्को कार्टेल ड्रग्स भेजने के लिए कर रहे हैं। अमेरिका ने अक्टूबर से कैरिबियन सागर में अपना सैन्य बेड़ा भेजना शुरु किया और जनवरी 2026 की शुरुआत में डेल्टा फोर्स के सैनिकों को भेजकर मादुरो को गिरफ्तार कर लिया। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या अमेरिका, वेनेजुएला की तर्ज पर ही ईरान पर हमले की फिराक में है।

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USS Abraham Lincoln अमेरिकी नौसेना की ताकत

यूएसएस अब्रहाम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर को अमेरिकी नौसेना की मजबूत ताकत कहा जाता है। यह निमित्ज क्लास का न्यूक्लियर पावर वाला विमानवाहक जहाज है। यह जहाज मिडिल ईस्ट पहुंच चुका है। इसके साथ ही, अमेरिकी नौसेना के 3-4 डेस्ट्रॉयर भी साथ हैं। जोकि Arleigh Burke क्लास के हैं।

USS Abraham Lincoln पर कई फाइटर जेट्स तैनात हैं। इनमें F-35C स्टील्थ फाइटर जेट, F/A-18E/F मल्टी रोल फाइटर, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के लिए EA-18G Growler भी तैनात हैं। इसके साथ ही, एयरक्राफ्ट कैरियर लिंकन पर 5700 अमेरिकी सैनिक भी तैनात हैं। वहीं, इस कैरियर के साथ-साथ टोमहॉक क्रूज मिसाइल दागने वाले युद्धपोत भी तैनात हैं।

पैट्रियट मिसाइल सिस्टम को भी तैनात किया

F15 E स्ट्राइक इगल फाइटर को भी अमेरिका ने मध्य एशिया में अपने सैनिक अड्डों पर तैनात किया है। वहीं, दर्जनों कार्गो प्लेन भी इन अड्डों पर उतरे हैं। वहीं, कतर के अल उदैद एयर बेस, जोकि अमेरिका का संट्रेल कमांड मुख्यालय है। वहां हजारों सैनिक और विमान मौजूद हैं। इसके साथ ही, पैट्रियट मिसाइल सिस्टम को भी तैनात किया जा रहा है, जोकि ईरानी हमलों से अमेरिकी युद्धपोतों और जहाजों की रक्षा करेंगे।

ट्रंप ने कहा- हमने बड़ी ताकत भेजी है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिनों पहले ही कहा था कि हमने खाड़ी में बड़ी ताकत भेजी है। उन्होंने ईरान की सरकार को चेताया था कि अगर क्रैकडाउन जारी रहा तो अमेरिका कार्रवाई करेगा। इससे पहले जून 2025 में अमेरिका और इजराइल ने ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हमला किया था। अब ईरान में बाजारियों के प्रदर्शन के बाद एकबार फिर पश्चिम और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। ईरान में हिंसा में 3 हजार से अधिक मौते हुई हैं। ईरान अभी दबाव में है और अमेरिका चाहता है कि वहां सत्ता बदले।

ईरान ने दी है हमले की धमकी

ईरान ने अमेरिकी नौसेनिक बेड़े को खारिज में भेजने पर कड़ी आपत्ति जताई है। ईरान की इस्लामिक रीजिम ने कहा कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो हम भी करारा जवाब देंगे। ईरान की तरफ से कहा गया कि एक्सिस ऑफ रजिस्टेंस भी अमेरिकी बेस, जहाज और इजरायल को निशाना बनाने से पहले कतराएंगे नहीं। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने की भी धमकी दी है। इस रास्ते से दुनिया का एक चौथाई तेल का कारोबार होता है। जिससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं।

Published on:
27 Jan 2026 01:25 pm
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