
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (Photo-IANS)
ईरान ने अमेरिका को खुली जंग की धमकी दी है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ललकारते हुए कहा कि यदि अमेरिका, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई की हत्या करना चाहता हैं, या फिर ईरान में इस्लामिक रीजिम हटाना चाहते हैं तो यह युद्ध होगा।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने X पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, 'सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर कोई भी हमला ईरानी राष्ट्र के खिलाफ एक पूर्ण युद्ध के बराबर होगा'। तेहरान ने वाशिंगटन को यह संकेत भी दिये हैं कि वह अशांति के दौरान कम से कम 5,000 लोगों के मारे जाने की एक ईरानी अधिकारी की रिपोर्ट के बाद फांसी की सजा फिर से शुरू कर सकता है।
2025 के ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स के अनुसार, ईरान दुनिया में 16वें स्थान पर है। ईरान के पास 610,000 सक्रिय सैनिक, 350,000+ रिजर्व सैनिक हैं। इसके अलावा IRGC के जवानों को मिला दिया जाए, तो यह आकंड़ा 1 मिलियन से ऊपर पहुंच जाता है। ईरान के पास 1,713 टैंक, 65,000+ आर्मर्ड व्हीकल, 2,070 towed आर्टिलरी और 1,517 रॉकेट प्रोजेक्टर हैं। ईरान के पास 113 फाइटर जेट्स हैं, हालांकि ये सभी पुराने मॉडल के हैं। ईरानी नेवी के पास 25 पनडुब्बियां और 7 फ्रिगेट्स हैं। साथ ही, 3000 बेलेस्टिक मिसाइलों का जखीरा भी ईरान के पास है।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने हालिया बयानों में इस्लामिक रीजिम को खत्म करने की बात करते आए हैं। बीते शनिवार को पोलिटिको को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अब ईरान में नए नेतृत्व की तलाश करने का समय आ गया है। उससे ठीक एक दिन पहले यानी शुक्रवार को ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान के नेताओं को धन्यवाद दिया। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने 800 बंदियों की निर्धारित फांसी रोक दी है। इसके साथ ही, ट्रंप ने ट्रूथ सोशल के जरिए दुनिया को बताया कि उन्होंने सैन्य बेड़े को मिडिल ईस्ट की तरफ रवाना किया है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह नहीं बताया कि उनका अगला कदम क्या होगा। इधर, ईरानी राष्ट्रपति ने देश की माली हालत के लिए अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को जिम्मेदार ठहराया है।
ईरान की न्यायपालिका ने कहा कि अशांति से जुड़ी फांसी की सजा अभी भी दी जा सकती है। न्यायपालिका के प्रवक्ता असगर जहांगीर ने कहा कि कुछ कामों को मोहारेब के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जो एक इस्लामी कानूनी शब्द है जिसका मतलब है भगवान के खिलाफ युद्ध छेड़ना, जिसके लिए ईरानी कानून के तहत मौत की सजा है।
ईरानी अधिकारी ने कहा कि ईजरायली और विदेशी सशस्त्र समूहों ने देश में हिंसा फैलाई। उन्होंने देश में अशांति के लिए विदेशी दुश्मनों को दोषी ठहराया है। एक ईरानी अधिकारी ने कहा कि सबसे भारी लड़ाई और सबसे ज्यादा मौतें उत्तर-पश्चिमी ईरान के कुर्द क्षेत्रों में दर्ज की गईं, ये ऐसे इलाके हैं जहां पहले भी बार-बार अशांति देखी गई है। इस महीने की शुरुआत में तीन सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया था कि सशस्त्र कुर्द अलगाववादी समूहों ने इराक से ईरान में घुसने की कोशिश की थी।
दरअसल, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ईरानी मुद्रा में आई भारी गिरावट के चलते तेहरान के ग्रैंड बाजार के व्यापारियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया। देखते ही देखते प्रदर्शन पूरे देश में फैल गया। इन विरोध प्रदर्शनों में दुकानदार, छात्र, पुरुष और महिलाएं सड़कों पर उतर आए। इस दौरान डेथ टू खामनेई और रिमूव इस्लामिक रीजिम जैसे नारे लगाए गए। जैसे ही विरोध प्रदर्शन बढ़े, अधिकारियों ने इंटरनेट एक्सेस काट दिया और सड़कों पर सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया। इस दौरान सैकड़ों लोगों की मौतें हुईं। कई रिपोर्टों में मौतों का आकंड़ा 2000 से भी अधिक बताया गया है।
Updated on:
19 Jan 2026, 9:20 AM IST
Published on:
19 Jan 2026, 9:20 AM IST
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