
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच शांति समझौते पर सहमत होने की जद्दोजहद के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा है कि ईरान जल्द से जल्द समझौता करना चाहता है, लेकिन अभी तक दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन पाई है। हालांकि होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में अमेरिकी नाकेबंदी और ईरान के परमाणु प्रोग्राम पर डील नहीं होने की वजह से स्थिति अभी भी गंभीर है। इसी बीच ट्रंप ने मेरिकी सैन्य अधिकारियों से हाई-लेवल मीटिंग की है।
अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार दो वरिष्ठ अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि गुरुवार को ट्रंप के साथ हाई-लेवल मीटिंग हुई, जिसके दौरान सैन्य ब्रीफिंग भी आयोजित की गई थी। करीब 45 मिनट तक चली इस मीटिंग के दौरान अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने ट्रंप को ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू करने की संभावना से जुड़े प्लान के बारे में बताया। इस मीटिंग के दौरान ईरान के खिलाफ संभावित रणनीतियों पर डिटेल में चर्चा हुई।
इस मीटिंग के बाद एक फिर युद्ध शुरू होने की अटकलें शुरू हो गई हैं। हालांकि ट्रंप ने कहा है कि वह नहीं चाहते फिर से युद्ध शुरू हो और उनके अनुसार ईरान भी ऐसा ही चाहता। हालांकि ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर ज़रूरत पड़े, तो वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को फिर से शुरू करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। वहीँ ईरान का रुख शुरू से साफ है कि अगर उसके खिलाफ कोई भी सैन्य कार्रवाई हुई, तो उसकी सेना भी पूरी तरह से तैयार है और दुश्मन को करारा जवाब दिया जाएगा।