दुनिया का एक देश ऐसा है जहां पर एक भी नदी नहीं है। फिर भी वो अपने लोगों के लिए पानी का इंतजाम करता है लेकिन ये इंतजाम ऐसे हैं कि सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे।
पानी (Water) के बिना मानव जीवन ही नहीं धरती पर किसी भी प्राणी का जीवन असंभव है। पानी ही एक ऐसा तत्व है जिस पर धरती पर जीवन पनपा है। हमारी धरती का 71 प्रतिशत हिस्सा पानी से ढका हुआ है फिर भी दुनिया पानी की किल्लत से जूझ रही है। इनमें भारत भी शामिल है। भारत को नदियों का देश कहा गया है। यहां पर छोटी-बडी़ मिलाकर कुल 200 मुख्य नदियां हैं। फिर भी यहां गर्मियों में पानी की भीषण किल्लत हो जाती है। ज़रा सोचिए दुनिया के उन देशों का क्या होता होगा, जहां नदियां है ही नहीं (Countries without river)। जी हां दुनिया के कई देश ऐसे हैं जहां पर एक भी नदी है। फिर भी वो अपने लोगों के लिए पानी का इंतजाम करते हैं और ये इंतजाम ऐसे होते हैं कि सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे।
सऊदी अरब में नहीं है एक भी नदी
ऐसे देशों में सबसे पहला नाम आता है सऊदी अरब (Saudi Arab) का। जी हां सऊदी अरब ऐसा दुनिया का एक ऐसा देश हैं जहां पर एक भी नदी नहीं है। यहां चारों तरफ सिर्फ रेत के टीले यानी रेगिस्तान है। यहां पर पानी का एक कृत्रिम स्रोत है अकवीफर्सी। ये अकवीफर्सी के जरिए भूमिगत जल को संचय किया जाता है और उसे ही लोगों के लिए भेजा जाता है। दूसरा स्रोत है समंदर का पानी, जी हां समंदर के पानी को सऊदी के लोग पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
समंदर के पानी को ट्रीट कर..
दरअसल सऊदी अरब (Saudi Arab) समंदर के पानी को डेसीलेट यानी उसे पीने के लायक बनाता है और ये डेसीलेशन करता है सउदी का एक प्लांट जिसे सेलीन वाटर कनवर्जन कॉर्पोरेशन संचालित करता है। इस प्लांट के जरिए समंदर से पानी को पीने लायक बनाया जाता है। ये प्लांट एक दिन में 3 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी प्युरिफाई करता है। खास बात ये है कि इस प्लांट के साफ किए गए पानी से सउदी के शहरों में इस्तेमाल होने वाले करीब 65 फीसदी आपूर्ति हो जाती है। इसके अलावा यहां औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी पानी उपलब्ध कराया जाता है।
सउदी के अलावा कई और देश हैं जहां नदियां नहीं हैं (Countries without river)। इनमें कोमोरोस, लीबिया, मोनैको, वैटिकन सिटी, ओमान जैसे देश हैं जहां नदियां नहीं हैं। इन देशों में पीने के पानी का इंतजाम समंदर के पानी को डेसीलेट करके किया जाता है।