Cuba Energy Crisis: अमेरिकी प्रतिबंधों और तेल आपूर्ति संकट के बीच क्यूबा में डीजल और फ्यूल ऑयल खत्म हो गया है। हवाना सहित कई शहरों में लंबी बिजली कटौती और स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका गंभीर असर देखने को मिल रहा है।
Cuba Energy Crisis: क्यूबा लंबे समय से आर्थिक दबाव और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण देश की ऊर्जा व्यवस्था लगातार कमजोर होती गई। अब क्यूबा सरकार ने स्वीकार किया है कि देश में डीजल और फ्यूल ऑयल लगभग पूरी तरह समाप्त हो चुका है। ऊर्जा मंत्री विसेंटे दे ला ओ लेवी ने कहा कि देश के पास ईंधन का कोई सुरक्षित भंडार नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि गैस की सीमित उपलब्धता के कारण बिजली संकट तेजी से गहरा रहा है और हालात गंभीर हो चुके हैं।
ऊर्जा मंत्री के अनुसार क्यूबा के कई हिस्सों में लगातार बिजली कटौती की जा रही है। राजधानी हवाना में लोगों को हर दिन 20 से 22 घंटे तक बिना बिजली के रहना पड रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार ईंधन संकट के खिलाफ हवाना और अन्य शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिजली कटौती और गर्मी के कारण लोग आराम तक नहीं कर पा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ सरकार स्वीकार कर चुकी है कि देश का ऊर्जा तंत्र नाजुक स्थिति में पहुंच चुका है।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार ईंधन संकट का असर स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं पर दिखाई दे रहा है। कई सरकारी अस्पताल ठीक तरह से काम नहीं कर पा रहे हैं, जबकि सरकारी स्कूल और कार्यालय अस्थायी रूप से बंद करने पडे हैं। पर्यटन सुविधाओं पर भी इसका असर देखा जा रहा है। क्यूबा सरकार ने कहा है कि वह किसी भी देश या संस्था से ईंधन खरीदने के लिए तैयार है। मंत्री ने कहा कि क्यूबा उन सभी पक्षों के लिए खुला है जो उसे तेल या गैस बेचने की इच्छा रखते हैं।
मई की शुरुआत में अमेरिका ने क्यूबा के कई वरिष्ठ अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगाए थे। अमेरिकी विदेश विभाग ने इन अधिकारियों पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगाए। इसी बीच अमेरिका ने 100 मिलियन डॉलर की मानवीय सहायता देने की पेशकश दोहराई। हालांकि क्यूबा ने इस दावे को लेकर अलग रुख अपनाया है। लगातार बढते आर्थिक दबाव, खाद्य कमी और ऊर्जा संकट ने क्यूबा में सामाजिक तनाव को और गहरा कर दिया है।