
PM Modi Abu Dhabi Visit
PM Modi Abu Dhabi Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अपने पांच देशों के विदेशी दौरे के पहले चरण में यूएई की राजधानी अबू धाबी पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की महत्वपूर्ण यात्रा ने भारत-यूएई संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। एयरपोर्ट पर उतरते ही पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर पीएम मोदी को 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों के बीच LPG सप्लाई को लेकर अहम समझौता हुआ। इसके साथ स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व, रक्षा सहयोग और वडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर से जुड़े MoU भी साइन किए गए।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शेख मोहम्मद का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा, 'मैं आपसे फोन पर बात करता रहता था, लेकिन आपसे व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए मैं बहुत उत्सुक था।' उन्होंने राष्ट्रपति के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया और कहा, 'जैसा कि आपने कहा - मैं अपने दूसरे घर में आया हूं। यह भावना मेरे लिए बहुत मायने रखती है।' मोदी ने हाल ही में भारत में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के प्रति यूएई की संवेदना के लिए भी राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया।
वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें भारत और यूएई के बीच सामरिक रक्षा साझेदारी के ढांचे पर समझौता और सामरिक पेट्रोलियम भंडार पर समझौता ज्ञापन शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद की उपस्थिति में दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने संबंधी समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी किया। इन समझौतों से दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
यह यात्रा भारत के लिए बड़े लाभ लेकर आई है। यूएई भारत का महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच पहले से ही मजबूत आर्थिक संबंध हैं। इस यात्रा से निवेश, ऊर्जा क्षेत्र और रक्षा सहयोग में और वृद्धि होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि सामरिक रक्षा साझेदारी का समझौता क्षेत्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जबकि पेट्रोलियम भंडार संबंधी समझौता भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगा।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा ने 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भारतीय भावना को भी मजबूत किया। दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत सौहार्द और आपसी विश्वास ने द्विपक्षीय संबंधों की गहराई को रेखांकित किया। यूएई के साथ भारत का संबंध न केवल आर्थिक, बल्कि सांस्कृतिक और भावनात्मक स्तर पर भी गहरा है। बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक यूएई में कार्यरत हैं, जो दोनों देशों के बीच सेतु का काम करते हैं।
Published on:
15 May 2026 02:00 pm
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