Cuba fuel shortage: क्यूबा में पेट्रोल-डीजल का संकट गहराया, कीमतों में भारी उछाल, संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिकी प्रतिबंधों की कड़ी आलोचना करते हुए नाकेबंदी को अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ बताया। पढ़े पूरी रिपोर्ट।
US oil blockade on Cuba: अमेरिका द्वारा तेल नाकेबंदी का असर अब क्यूबा पर साफ दिखने लगा है। एक तरफ जहां शुक्रवार को क्यूबा में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगभग दोगुनी हो गईं, वहीं राजधानी में ज्यादातर पेट्रोल पंप बंद रहे। ऐसे हालात में देश में सख्त राशनिंग की नौबत आ गई है। क्यूबा के वित्त और मूल्य मंत्रालय ने इस हफ्ते की शुरुआत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की थी। मंत्रालय ने कहा था कि यह बदलाव इसलिए जरूरी है, ताकि पेट्रोल और डीजल के आयात की वास्तविक लागत को कीमतों में शामिल किया जा सके।
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हवाना के कई पेट्रोल पंपों पर लगाए गए नए रेट बोर्ड के अनुसार, प्रीमियम पेट्रोल की कीमत 1.30 डॉलर प्रति लीटर से बढ़ाकर 2 डॉलर कर दी गई है। वहीं सामान्य पेट्रोल अब 0.95 डॉलर की बजाय 1.80 डॉलर प्रति लीटर बिकेगा, जबकि डीजल की कीमत 1.10 डॉलर से बढ़कर 2 डॉलर प्रति लीटर पहुंच गई है।
हालांकि नई कीमतें घोषित होने के बावजूद ज्यादातर पेट्रोल पंप बंद रहे। सरकार ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि संशोधित दरों पर ईंधन की बिक्री आखिर कब शुरू होगी।
क्यूबा में वाहन चालक पिछले करीब चार महीनों से ईंधन की भारी कमी का सामना कर रहे हैं और मौजूदा हालात को लेकर बेहद चिंतित हैं। उनका कहना है कि पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं होने से परेशानी लगातार बढ़ रही है।
गौरतलब है कि मार्च के अंत में रूस के तेल टैंकर ‘अनातोली कोलोदकिन’ ने क्यूबा में करीब 7 लाख बैरल तेल पहुंचाया था। यह मात्रा लगभग 1 करोड़ आबादी वाले इस देश की दो सप्ताह की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त मानी जा रही थी। लेकिन इसके बाद से क्यूबा को तेल की कोई नई खेप नहीं मिली। यह ईंधन मई की शुरुआत तक खत्म हो गया।
क्यूबा सरकार का कहना है कि आने वाले समय में ईंधन की कीमतें स्थिर नहीं रहेंगी। पेट्रोल-डीजल के दाम सप्लाई देने वाली कंपनियों, परिवहन खर्च, शिपिंग रूट, बीमा लागत, जोखिम और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के आधार पर तय किए जाएंगे।
इस बीच क्यूबा में ब्लैक मार्केट में पेट्रोल बेहद महंगा बिक रहा है। वहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत 8 से 10 डॉलर तक पहुंच चुकी है, जो आम क्यूबाई नागरिकों की पहुंच से बाहर मानी जा रही है। यह कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार दरों से भी कई गुना अधिक है।
ईंधन संकट के बीच क्यूबा के कुछ निजी कारोबारी कंटेनर जहाजों के जरिए अमेरिका और अन्य देशों से महंगे दामों पर तेल मंगा रहे हैं। हालांकि यह ईंधन आम जनता के लिए उपलब्ध नहीं कराया जाता, बल्कि सीमित व्यावसायिक इस्तेमाल में लाया जाता है।
वहीं, संयुक्त राष्ट्र (UN) ने क्यूबा पर अमेरिकी ईंधन प्रतिबंधों की आलोचना की है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस तरह की नाकेबंदी अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है और इससे क्यूबा के लोगों के मानवाधिकार प्रभावित हो रहे हैं।