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पाक की सुरक्षा एजेंसियों पर चीन-भारत से जुड़े हैकर्स का हमला, एक विभाग ने कहा- तनाव के दौरान यूजर क्रेडेंशियल्स चोरी हुए

India China hackers target Pakistan police: पाकिस्तान की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों पर चीन और भारत से जुड़े हैकिंग ग्रुप्स ने साइबर हमला किया है। SentinelOne रिपोर्ट में बलूचिस्तान, खैबर और पंजाब पुलिस को टारगेट करने का खुलासा हुआ है।
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Jul 09, 2026
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प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फोटो- AI)

भारत और चीन से जुड़े हैकर्स ने पाकिस्तान में बड़ा साइबर अटैक किया है। इससे अधिकारियों की नींद उड़ गई है। हमला पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों पर हुआ है, जिससे कई अहम डिटेल्स और सरकार की रणनीति खुलकर बाहर आ गई है।

साइबर सुरक्षा कंपनी SentinelOne की एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है. रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन और भारत से जुड़े हैकिंग ग्रुप्स ने फरवरी 2024 से अप्रैल 2026 के बीच पाकिस्तान की कई पुलिस एजेंसियों को निशाना बनाया। रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत और चीन पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा की जानकारी हासिल करने की कोशिश में लगे हैं।

पाकिस्तान की पुलिस पर क्यों नजर?

रिपोर्ट के मुताबिक, बलूचिस्तान पुलिस मुख्य टारगेट रही। यह प्रांत जहां आतंकवाद की समस्या ज्यादा है, वहीं चीनी नागरिकों पर हमले भी होते रहे हैं। चीन वहां अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है क्योंकि CPEC प्रोजेक्ट के तहत हजारों चीनी वहां काम कर रहे हैं।

वहीं, भारत से जुड़े ग्रुप्स की दिलचस्पी पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था और दोनों देशों के बीच तनाव से जुड़ी लगती है। SentinelOne के प्रिंसिपल थ्रेट रिसर्चर अलेक्जेंडर मिलेंकोस्की ने लिखा कि जब एक ही देश की सुरक्षा एजेंसियों पर कई विदेशी हैकर्स एक साथ हमला करते हैं तो यह पता चलता है कि टारगेट कितना महत्वपूर्ण है।

बता दें कि जिन एजेंसियों पर हमला हुआ है, वह आतंरिक और बाहरी खतरे की जानकारी रखती हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई भी करती हैं। ऐसे में भारत-चीन के हैकरों द्वारा यह साइबर हमला पाकिस्तान की नींद उड़ा चुका है।

किन-किन विभागों को निशाना बनाया गया?

हैकर्स ने बलूचिस्तान पुलिस के नेटवर्क डिवाइस, वेब सर्वर और शिकायत प्रबंधन सिस्टम को टारगेट किया। इसके अलावा खैबर पख्तूनख्वा पुलिस, इस्लामाबाद पुलिस और पंजाब सेफ सिटी अथॉरिटी भी इन हमलों का शिकार हुए।

ये सभी विभाग बड़े शहरों में कानून व्यवस्था संभालते हैं और संवेदनशील जानकारी रखते हैं। इस मामले में खैबर पख्तूनख्वा पुलिस ने कहा कि उनकी कोर सिस्टम सुरक्षित हैं।

हालांकि, उन्होंने माना कि भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान साइबर कोशिशें बढ़ी थीं, लेकिन सिर्फ एक मामले में यूजर क्रेडेंशियल्स चोरी हुए। बाकी विभागों ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

चीन और भारत की ओर से क्या कहा गया?

उधर, चीन के वॉशिंगटन दूतावास के प्रवक्ता लियू चांग ने कहा कि चीन किसी भी तरह के साइबर हमले का विरोध करता है और अपने क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों की इजाजत नहीं देता। वहीं भारतीय दूतावास ने रिपोर्ट पर कोई जवाब नहीं दिया।

Updated on:
09 Jul 2026 07:48 pm
Published on:
09 Jul 2026 07:40 pm