
पाकिस्तानी सेना (File Photo)
पाकिस्तान (Pakistan) में आतंकवाद (Terrorism) ही नहीं, कुछ प्रांतों में लोगों का विद्रोह भी बढ़ता जा रहा है। सरकार और सेना से नाराज़गी की वजह से विद्रोहियों की संख्या बढ़ रही है। इन प्रांतों में बलूचिस्तान (Balochistan) भी शामिल हैं, जहाँ पिछले कुछ सालों में हालात काफी बिगड़ गए हैं। बलूचिस्तान में विद्रोही अक्सर ही पाकिस्तानी सेना और पुलिस पर हमले करते हैं। पिछले कुछ महीनों में बलूच विद्रोहियों ने कई पाकिस्तानी सैनिकों और पुलिसकर्मियों की जान ली है। ऐसे में सेना पिछले कुछ दिनों से बलूचिस्तान में अलग-अलग जगह सैन्य अभियान चला रही थी, जिसमें उसे कामयाबी मिली है।
पाकिस्तानी सेना और पुलिस पर हमलों के बढ़ते मामलों को देखते हुए पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान में सैन्य अभियान चलाते हुए 75 विद्रोहियों को मौत के घाट उतार दिया। पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशंस (Inter-Services Public Relations - ISPR) ने इस बारे में जानकारी दी। इस सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना का साथ फ्रंटियर कॉर्प्स और पुलिस ने भी दिया।
कुछ दिन पहले ही बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने प्रांत में मांगी बांध के पास एक पुलिस चौकी पर हमला किया था। यह बांध क्वेटा और आस-पास के इलाकों में लाखों लोगों को पानी सप्लाई करता है। शुरुआती हमले में 9 पुलिसकर्मी और बलूच लिबरेशन आर्मी के 15 लड़ाके मारे गए। बाद में इन लड़ाकों ने 18 पुलिसकर्मियों को अगवा कर लिया। अगवा पुलिसकर्मियों की तलाश की गई, तो वो पास की पहाड़ियों में मृत पाए गए। उनकी आंखों पर पट्टी बंधी थी और उन्हें गोली मारी गई थी। बलूच लिबरेशन आर्मी की इस कार्रवाई के बाद ही पाकिस्तानी सेना ने बदला लेने का प्लान बनाते हुए सैन्य अभियान को अंजाम दिया।
पाकिस्तानी सरकार और सेना के अत्याचार से परेशान बलूचिस्तान पाकिस्तान से आजादी चाहता है। प्रांत की ज़्यादातर आबादी पाकिस्तानी शासन और सेना के खिलाफ है। बलूच नेता तो बलूचिस्तान को आज़ाद मुल्क घोषित करते हुए भारत (India) समेत दुनियाभर के कई देशों से समर्थन की भी मांग कर रहे हैं जिससे उन्हें मान्यता मिल सके।
Updated on:
10 Jul 2026 11:21 pm
Published on:
10 Jul 2026 11:21 pm
