
डोनाल्ड ट्रंप(फोटो-IANS)
US-Iran War: पश्चिम एशिया में ईरान के साथ हालिया सैन्य टकराव के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन फिलहाल इजराइल को सीधे सैन्य कार्रवाई से दूर रखना चाहता है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका को आशंका है कि यदि इजराइल इस संघर्ष में शामिल होता है तो हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं।
न्यूज मीडिया एजेंसी सीएनएन ने दो इजराइली सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिका फिलहाल ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई में इजराइल की प्रत्यक्ष भागीदारी नहीं चाहता है।
पिछले कुछ दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव तेजी से बढ़ा है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों में भूमिका निभाई। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने तेहरान से जुड़े कई ठिकानों पर कार्रवाई की। इसके बाद ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिससे दोनों देशों के बीच टकराव और बढ़ गया।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, एक इजराइली सूत्र ने कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर कार्रवाई करना चाहते हैं, लेकिन फिलहाल अमेरिकी प्रशासन ऐसा नहीं चाहता। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि संघर्ष सीमित दायरे में रहे और क्षेत्रीय युद्ध का रूप न ले।
इस बीच इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज ने गुरुवार को कहा कि इजराइली रक्षा बल (आईडीएफ) किसी भी समय ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य अभियान शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने नए सैन्य पायलटों के एक समारोह में कहा कि आईडीएफ हाई अलर्ट पर है और जरूरत पड़ने पर ईरान के खिलाफ स्वतंत्र रूप से हमला करने में सक्षम है। कैट्ज ने कहा कि अगर हमें दोबारा लौटना पड़ा तो हम पहले से कहीं अधिक ताकत के साथ लौटेंगे।
रिपोर्ट के अनुसार इजराइल का आकलन है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिलहाल ईरान के साथ पूर्ण सैन्य संघर्ष दोबारा शुरू नहीं करना चाहते। यदि अमेरिका कोई अतिरिक्त कदम उठाता भी है तो वह ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी जैसे सीमित विकल्पों तक ही सीमित रह सकता है, न कि व्यापक सैन्य अभियान तक।
Updated on:
10 Jul 2026 10:13 pm
Published on:
10 Jul 2026 09:21 pm
