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ईरान में दो फाड़! IRGC और सरकार के बीच गहरे मतभेद, गालिबाफ के पाकिस्तान आने से सेना खुश नहीं

ईरान की इस्लामिक रीजिम में दो फाड़ की स्थिति बनती हुई दिख रही है। IRGC और वार्ताकार दल के बीच कई मुद्दों पर गहरे मतभेद हैं।
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Apr 11, 2026
Iran War IRGC
ईरान की इस्लामिक रिवोल्युशनरी गार्ड कॉर्प्स । ( फोटो: द वॉशिंगटन पोस्ट)

Iran US talks in Pakistan: पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत शुरू होने से पहले ईरान की इस्लामिक रीजिम में दो फाड़ की स्थिति बनती हुई दिख रही है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ और IRGC के बीच गहरे मतभेद सामने आए हैं।

IRGC सरकार के प्रभाव को सीमित करने का कोशिश कर रहा

ईरान इंटरनेशनल ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया कि IRGC के चीफ अहमद वाहिदी, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद के स्पीकर मोहम्मद बघेर गालिबाफ के अधिकारों और प्रभाव को सीमित करने की कोशिश कर रहे हैं। IRGC के चीफ की चाहत है कि सीजफायर को लेकर होने वाली बातचीत में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव जोलकद्र को भी शामिल किया जाए। जबकि, वार्तादल का मानना है कि जोलकद्र के पास कोई पर्याप्त अनुभव नहीं है।

मिसाइल प्रोग्राम पर कोई बातचीत नहीं होगी

आईआरजीसी के कमांडर इन चीफ और आईआरजीसी के एयरोस्पेस कमांडर ने कहा कि ईरानी प्रतिनिधि मंडल को किसी भी कीमत पर मिसाइल प्रोग्राम पर बातचीत नहीं करनी चाहिए। उधर, गालिबफ ने कहा कि जो युद्धविराम लागू किया गया है, उसमें लेबनान भी शामिल है। मगर इजरायल और अमेरिका ने ईरानी दावे को खारिज कर दिया है।

ब्रिटेन अगले हफ्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बातचीत करेगा

इधर, ब्रिटेन अगले सप्ताह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बिना किसी टोल के दोबारा जहाजों के लिए खोलने के मुद्दे पर अपने सहयोगी देशों के साथ अहम बातचीत करने जा रहा है। इस अहम समुद्री मार्ग को लेकर बढ़ते तनाव के बीच यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर की मेजबानी में 2 अप्रैल को हुई वर्चुअल बैठक में शामिल देशों के प्रतिनिधियों के साथ यह अगली चर्चा होगी। इस बैठक में 40 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे, साथ ही यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठन भी मौजूद थे।

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए समन्वित आर्थिक और राजनीतिक कदम उठाने पर विचार किया जाएगा। इसमें संभावित प्रतिबंध लगाने जैसे विकल्प भी शामिल हैं। साथ ही, स्ट्रेट में फंसे हजारों जहाजों और नाविकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के उपायों पर भी चर्चा होगी।

एक अधिकारी के अनुसार, इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य मौजूदा तनाव को खत्म करने का स्थायी रास्ता तलाशना है। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की रणनीति भी बनाई जाएगी, ताकि वह इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोल सके।

Updated on:
11 Apr 2026 09:50 am
Published on:
11 Apr 2026 09:00 am