
Swiss Bank India Data: स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) के नए आंकड़ों के अनुसार, 2025 में स्विस बैंकों में भारतीयों से जुड़ी कुल जमा राशि 8 प्रतिशत से अधिक घटकर 3.25 अरब स्विस फ्रैंक (करीब 36,793 करोड़ रुपए) रह गई। यह कमी मुख्य रूप से बैंकों और वित्तीय संस्थानों के जरिए रखी गई रकम में गिरावट के कारण आई है। हालांकि, भारतीय ग्राहकों के व्यक्तिगत और संस्थागत खातों में सीधे जमा धन 50 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 524 मिलियन स्विस फ्रैंक (करीब 6,000 करोड़ रुपए) पहुंच गया। पिछले वर्ष 2024 में भारतीयों से जुड़ी राशि में तेज उछाल आया था और यह 3.5 अरब स्विस फ्रैंक तक पहुंच गई थी। स्विस केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि इन आंकड़ों को स्विस बैंकों में मौजूद कथित काले धन का संकेत नहीं माना जाना चाहिए। भारत और स्विट्जरलैंड के बीच वित्तीय खातों की जानकारी साझा करने की व्यवस्था भी निरंतर लागू है।
स्विस बैंकों में भारतीयों से जुड़ी जमा राशि के आंकड़ों में 2025 के दौरान मिश्रित रुझान देखने को मिले। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भारतीय ग्राहकों से संबंधित अधिकांश धनराशि अब भी वित्तीय संस्थानों के माध्यम से स्विस बैंकों में रखी गई है, हालांकि इस श्रेणी में पिछले वर्ष की तुलना में कमी दर्ज की गई। इसके विपरीत, भारतीय व्यक्तियों द्वारा सीधे जमा किए गए खातों में वृद्धि देखने को मिली, जो व्यक्तिगत निवेश और बैंकिंग गतिविधियों में बढ़ोतरी का संकेत देती है।
वैश्विक रैंकिंग में भारत की स्थिति भी बेहतर हुई है। स्विस बैंकों में जमा राशि के आधार पर भारत 48वें स्थान से बढ़कर 46वें स्थान पर पहुंच गया। वहीं दक्षिण एशिया के अन्य देशों में अलग-अलग रुझान सामने आए। पाकिस्तान से जुड़ी जमा राशि में गिरावट दर्ज की गई, जबकि बांग्लादेश की स्विस बैंक जमा राशि में 43 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। दूसरी ओर, स्विस बैंकों में विदेशी ग्राहकों की कुल जमा राशि 2025 में लगभग 8 प्रतिशत घट गई, जो वैश्विक स्तर पर निवेश और बैंकिंग गतिविधियों में बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
| श्रेणी | आंकड़ा |
|---|---|
| कुल भारतीय राशि | ₹36,793 करोड़ |
| सालभर में बदलाव | 8% कमी |
| सीधे खातों में जमा | ₹6,000 करोड़ |
| सीधे जमा में वृद्धि | 50% से अधिक |
| भारत की रैंक | 46वीं |
| पाकिस्तान की राशि | घटी |
| बांग्लादेश की राशि | 43% बढ़ी |