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 9/11 की बरसी पर डोनाल्ड ट्रंप बोले- ईरान दुनिया में आतंक का सबसे बड़ा आका, कभी नहीं लेने देंगे परमाणु हथियार

Pentagon 9/11 Ceremony: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 9/11 हमले की 25वीं बरसी पर पेंटागन में आयोजित स्मृति समारोह में ईरान को लेकर सख्त संदेश दिया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैन्यकर्मी यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार न हो। उन्होंने 9/11 हमलों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अमेरिका उस दिन को कभी नहीं भूलेगा।
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Sep 11, 2026
Donald Trump on China arms supply to Iran.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo- IANS)

Donald Trump 9/11 Speech: 9/11 के आतंकी हमलों की 25वीं बरसी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कड़ा संदेश दिया। पेंटागन में 9/11 स्मारक समारोह को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैनिक यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला दुनिया का प्रमुख देश कभी परमाणु हथियार हासिल न कर पाए।

पेंटागन से ट्रंप ने दी चेतावनी

पेंटागन समारोह में मौजूद सैनिकों और शहीद हुए सैनिकों के परिवारों को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैनिक आज भी दुनिया को सुरक्षित रखने के लिए मोर्चे पर तैनात हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका उन सैन्य कर्मियों का सम्मान करता है जो यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर पाए। ट्रंप ने ईरान को आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला दुनिया का नंबर एक देश भी करार दिया। उन्होंने वैश्विक स्थिरता और अमेरिकी सुरक्षा बनाए रखने के लिए चल रहे सैन्य अभियानों को जरूरी बताया।

9/11 के पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि

अपने संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप ने 11 सितंबर 2001 के हमलों में मारे गए लोगों को याद किया। उन्होंने कहा कि भले ही तब से अब तक 25 वर्षों में एक पीढ़ी गुजर चुकी है, लेकिन उस दिन की याद और उसके प्रति सम्मान कम नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि 9/11 के हमलों में 2,977 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य लोगों की मौत उसके बाद के हफ़्तों और सालों में हुई। ट्रंप ने कहा, "आज, हम उस पवित्र संकल्प को दोहराते हैं जो हमने पच्चीस साल पहले लिया था, हम कभी नहीं भूलेंगे और इसीलिए हम लड़ना जारी रखेंगे।"

उस दिन, हम सभी न्यूयॉर्कवासी थे: डोनाल्ड ट्रंप

ट्रंप ने कहा कि 11 सितंबर, 2001 के बाद अमेरिका पहले जैसा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि उस दिन अमेरिका का सामना असली बुराई से हुआ था। उन्होंने कहा कि उस दिन हम सभी न्यूयॉर्कवासी थे, साथ ही हम सभी अमेरिकी भी थे। अमेरिकी सैन्य कर्मियों की भूमिका की सराहना करते हुए, ट्रंप ने कहा कि उनका मिशन आज भी जारी है।

9/11 ने दुनिया को कराया नफरत की ताकत का एहसास

अपने भाषण के आखिर में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि 9/11 की घटना ने दुनिया को नफरत की ताकत का एहसास कराया, लेकिन साथ ही अमेरिकी जज्बे की मजबूती भी दिखाई। उन्होंने कहा कि भले ही कोई भी देश 9/11 जैसे दिन के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हो सकता, लेकिन कोई देश यह तय कर सकता है कि ऐसी त्रासदी के बाद वह कैसा देश बनेगा। ट्रंप ने बच्चों को यह सिखाने की बात कही कि उनका देश अच्छा है, उनके पिता बहादुर हैं और अमेरिकी झंडा न्याय और आजादी का प्रतीक है।

Updated on:
11 Sept 2026 08:53 pm
Published on:
11 Sept 2026 08:53 pm