
Foreign humanoid robots ban: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए विदेश में बने नए ह्यूमनॉइड (मानव जैसे) रोबोटों के आयात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। यह प्रतिबंध उन्नत रोबोटों पर लागू होगा। इसमें ह्यूमनॉइड और चार पैरों वाले रोबोट भी शामिल हैं। इनमें से अधिकतर रोबोट चीन में बनाए जाते हैं। चीन, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अमेरिका का प्रमुख प्रतिद्वंद्वी माना जाता है।
अमेरिका ने केवल ह्यूमनॉइड रोबोटों पर ही नहीं, बल्कि विदेश में बने नए पावर इन्वर्टर के आयात पर भी प्रतिबंध लगाया है। यह फैसला अमेरिकी फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने लिया है। FCC का कहना है कि इन उत्पादों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। FCC के चेयरमैन ब्रेंडन कैर ने कहा कि एजेंसी अमेरिका की महत्वपूर्ण सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने की अपनी जिम्मेदारी निभा रही है।
यह प्रतिबंध केवल विदेश में निर्मित नए उन्नत रोबोट और पावर इन्वर्टर पर लागू होगा। FCC ने इन उत्पादों को अपनी 'कवर्ड लिस्ट' में शामिल कर लिया है। इस सूची में उन वस्तुओं और सेवाओं को रखा जाता है, जिन्हें अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित खतरा माना जाता है। हालांकि, जिन मॉडलों को पहले ही FCC की मंजूरी मिल चुकी है, उनके आयात या बिक्री पर इस फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा।
FCC का कहना है कि विदेशी कंपनियों के पावर इन्वर्टर से कई तरह के सुरक्षा जोखिम पैदा हो सकते हैं। आशंका है कि इन्हें दूर से बंद किया जा सकता है, डेटा चोरी किया जा सकता है, रिमोट एक्सेस हासिल की जा सकती है या इनकी निगरानी की जा सकती है। इसके अलावा विदेशी सरकारी समर्थित साइबर हमलों के जरिए भी इनका दुरुपयोग संभव है।
कमीशन ने यह भी कहा कि विदेश में बने उन्नत रोबोटों का इस्तेमाल अमेरिकियों की निगरानी, विदेशी खुफिया एजेंसियों की गतिविधियों को बढ़ावा देने या रोबोटों को दूर से नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है।
इस बीच कई विदेशी कंपनियां अपने ह्यूमनॉइड रोबोटों को तेजी से बाजार में उतार रही हैं। उनका लक्ष्य कारोबार और आम उपभोक्ताओं तक जल्दी पहुंच बनाना है। साथ ही वे अमेरिका की कंपनियों के बड़े पैमाने पर ह्यूमनॉइड रोबोट लॉन्च होने से पहले बाजार में बढ़त हासिल करना चाहती हैं।