ईरान में विरोध प्रदर्शन और हिंसा के बीच ट्रंप ने सर्वोच्च नेता अली खामेनेई पर हमला बोला। अमेरिका ने ईरान के शासन और दमन पर कड़ा बयान जारी किया, जबकि खामेनेई ने ट्रंप पर विद्रोह भड़काने का आरोप लगाया।
Verbal war between Donald Trump and Ali Khamenei: ईरान में 10 दिनों के बाद भी इंटरनेट की बहाली नहीं की गई है। इस बीच ईरानी अधिकारियों के हवाले से मीडिया में दावा किया है कि ईरान में प्रदर्शन के दौरान मरने वालों की संख्या 5000 से ज्यादा पहुंच चुकी है।
उधर, ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका भले ही कम हो गई है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सर्वोच्च नेता के बीच जुबानी जंग शुरू गई है। रविवार को ट्रंप ने ईरान में अली खामेनेई के शासन को समाप्त करने का आह्वान किया है। यह आह्वान सर्वोच्च नेता की उन टिप्पणियों के जवाब में किया गया था जिसमें उन्होंने ईरान में विरोध प्रदर्शनों में हुई मौतों के लिए ट्रंप को दोषी ठहराया था।
ट्रंप ने कहा है कि ईरान में नए नेतृत्व की तलाश करने का समय आ गया है। खामेनेई को आड़े हाथों लेते हुए ट्रंप ने कहा है कि यह आदमी एक बीमार मानसिकता वाला व्यक्ति है जिसे अपने देश का सही ढंग से संचालन करना चाहिए और लोगों की हत्या करना बंद करना चाहिए।
इसके पहले ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने ट्रंप को अपराधी बताते हुए और उन पर ईरान में राजद्रोह भड़काने का आरोप लगाया। वहीं, खामेनेई के इस बयान पर पलटवार करते हुए ट्रंप ने कहा है कि खामेनेई एक देश के नेता के रूप में, वह देश को पूरी तरह से नष्ट करने और अभूतपूर्व स्तर पर हिंसा का इस्तेमाल करने के दोषी हैं। ट्रंप ने कहा, ईरान के शासक शासन करने के लिए दमन और हिंसा पर निर्भर हैं। ट्रंप ने आगे कहा, नेतृत्व सम्मान के बारे में है, न कि भय और मृत्यु के बारे में।