विदेश

ट्रंप ने फिर दी ‘टैरिफ वॉर’ को हवा, अमेरिका से बाहर बनने वाले स्मार्टफोन्स पर लगेगा 25% टैरिफ

Trump's Tariff War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर टैरिफ वॉर को हवा देते हुए एक बड़ा ऐलान कर दिया है। क्या है ट्रंप का यह ऐलान? आइए नज़र डालते हैं।
2 min read
May 24, 2025
Donald Trump announces Tariff on Smartphones built outside of USA
डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में बड़ा बदलाव किया है। (Photo - ANI)

अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के ‘टैरिफ वॉर’ (Tariff War) में समय-समय पर नए ट्विस्ट आ रहे हैं। जिस 'टैरिफ वॉर' को ट्रंप ने बड़ी ही गंभीरता से शुरू किया था, उसमें अब तक कई बार वह यू-टर्न ले चुके हैं। भारत (India) समेत करीब 75 देशों को फिलहाल ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ से 90 दिनों की राहत मिली हुई है और सिर्फ 10% बेसिक टैरिफ ही लागू किया गया है। अमेरिका और चीन (China) के बीच भी ट्रेड डील के चलते दोनों देशों ने एक-दूसरे पर लगाए टैरिफ में कुछ कमी की है। ट्रंप का 'टैरिफ वॉर' धीमा पड़ने लगा था, लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर इसे हवा दे दी है।

'टैरिफ वॉर' पर ट्रंप का बड़ा ऐलान

ट्रंप ने स्मार्टफोन्स पर टैरिफ का ऐलान कर दिया है। इनमें न सिर्फ आईफोन, बल्कि सैमसंग के स्मार्टफोन्स भी शामिल हैं। अमेरिका से बाहर बनने वाले सभी स्मार्टफोन्स जो अमेरिका में बिकेंगे, पर ट्रंप ने 25% टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है। ट्रंप ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया, "सैमसंग और स्मार्टफोन्स बनाने वाली सभी कंपनियों पर यह टैरिफ लगाया जाएगा। अगर वो अपने स्मार्टफोन्स अमेरिका में बनाएंगे, तो उन पर कोई टैरिफ नहीं लगेगा।ऐप्पल के सीईओ टिम कुक से मेरी इस बारे में बात हुई थी कि वह ऐसा नहीं करेंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि वह आईफोन भारत में ही बनाएंगे। मुझे लगता है कि उनका भारत जाना ठीक है, लेकिन भारत में बने आईफोन को बिना टैरिफ के अमेरिका में नहीं बेचा जा सकेगा। अमेरिका में बेचे जाने वाले आईफोन और दूसरे सभी स्मार्टफोन्स अमेरिका में ही बनने चाहिए।"

ऐप्पल क्यों भारत में ही बनाएगा आईफोन?

ऐप्पल (Apple) के अपने आईफोन भारत में बनाने की बड़ी वजह है चीन के टैरिफ से बचना। पहले चीन में आईफोन का प्रोडक्शन होता था और फिर उन्हें अमेरिका में बेचा जाता था। इसकी वजह थी चीन में इसके प्रोडक्शन कॉस्ट का कम होना। अब चीन के टैरिफ से बचने के लिए आईफोन प्रोडक्शन मुख्य तौर पर भारत में शिफ्ट कर दिया गया है। भारत में भी इसकी प्रोडक्शन कॉस्ट काफी कम रहेगी, जिससे अमेरिका में इसकी सेल पर कंपनी को अच्छा प्रॉफिट होगा। अगर अमेरिका में ही आईफोन बनाए जाए, तो कंपनी को प्रति आईफोन पर काफी ज़्यादा प्रोडक्शन कॉस्ट भुगतनी पड़ेगी, जिससे प्रॉफिट में कमी आएगी।

यूरोपियन यूनियन पर 50% टैरिफ

ट्रंप ने शुक्रवार को यूरोपियन यूनियन (EU) से आयात पर भी 1 जून, 2025 से 50% टैरिफ लगाने की घोषणा की है। उनका कहना है कि यूरोपियन यूनियन के साथ बातचीत का कोई निष्कर्ष नहीं निकल रहा और उनसे डील करना बेहद कठिन है। इसी वजह से ट्रंप ने यूरोपियन यूनियन पर 50% टैरिफ लगाने का फैसला लिया है।