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मिडटर्म चुनाव से पहले ट्रंप को बड़ा झटका, अप्रूवल रेटिंग घटकर 37 % पहुंची

Donald Trump approval rating: मिडटर्म चुनाव से पहले डोनाल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग गिरकर 37% पर आई, 1990 के बाद सबसे कम। जानें ईरान सीजफायर प्रस्ताव, सुप्रीम कोर्ट के फैसले और ट्रंप के चुनाव प्रचार प्लान से जुड़ी पूरी खबर।
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Sep 26, 2026
Trump Visa rules
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फोटो- IANS)

US midterm elections: अमेरिका में मिडटर्म चुनाव 3 नवंबर को होने हैं। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग में लगातार गिरावट देखी जा रही है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक साल 1990 से अब तक हुए सर्वे के आंकड़ों में मिडटर्म चुनाव से पहले किसी भी राष्ट्रपति की यह अब तक की सबसे कम अप्रूवल रेटिंग है, लेकिन इन सब के बावजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मिड टर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की जात का दावा करते आ रहे हैं।

क्यों आई अप्रूवल रेटिंग में कमी

अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के लिए यह मुश्किल दौर ऐसे समय आया है, जब देश ईरान के साथ जारी टकराव और तेल की बढ़ती कीमतों तथा महंगाई से जुड़ी आर्थिक चिंताओं से जूझ रहा है।

वहीं, अमेरिका की एक और मीडिया समूह पॉलिटिको ने रिपोर्ट किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही रिपब्लिकन के गढ़ माने जाने वाले राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए निकलने वाले हैं, जहां वे अपनी पसंद के उम्मीदवारों के लिए वोट मांगेंगे। वहीं, पॉलिटिको ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट किया कि चुनाव के दिन से पहले ट्रंप आयोवा, फ्लोरिडा, टेक्सास और अलास्का में प्रचार करेंगे, वहीं अगले सप्ताह ओक्लाहोमा में भी उनका एक तयशुदा कार्यक्रम है।

वहीं, अमेरिकी मीडिया ABC ने रिपोर्ट किया है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन को मिडटर्म चुनावों से पहले मतदाताओं की पहचान जांचने के लिए एक संघीय नागरिकता डेटाबेस का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, 6-3 के बहुमत से दिए गए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के उस आदेश को हटा दिया, जिसमें होमलैंड सिक्योरिटी विभाग को एक 40 साल पुराने इमिग्रेशन डेटाबेस का विस्तार करने से रोका गया था। यह डेटाबेस राज्यों को मतदाता सूचियों में गैर-नागरिकों की पहचान करने में मदद करेगा। गौरतलब है कि ट्रंप गैर-नागरिकों के मतदान को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए एक गंभीर खतरा बताते रहे हैं।

ईरान के सीजफायर प्रस्ताव को ट्रंप ने किया खारिज

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की ओर से दिए गए 7 दिन के सीजफायर प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। WSJ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ट्रंप ने अपने सहयोगियों को बताया है कि उन्हें मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर फिर से बमबारी शुरू करने की उम्मीद है। यह बयान संयुक्त राष्ट्र महासभा में उनके उस भाषण के बाद आया है, जिसमें उन्होंने ईरान को पूरी तरह तबाह करने की खुली धमकी दी थी।

मिडटर्म चुनाव के बाद हम करेंगे बड़ा समझौता

22 सितंबर को महासभा को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा था कि मुझे एक बड़ा फैसला लेना है। क्या ईरान के साथ ऐसा समझौता होगा जिससे वह दोबारा खड़ा हो सके और पहले से भी ज्यादा महान देश बन सके? शायद मिडिल ईस्ट या पूरी दुनिया के सबसे बेहतरीन देशों में से एक। या फिर मैं इस्लामिक रिपब्लिक को जल्द से जल्द तबाह कर दूं, ताकि उसे दोबारा लोगों और देशों को मारने और तबाह करने का मौका ही न मिले? लेकिन मेरा मानना है कि चुनाव के तुरंत बाद हम एक समझौता जरूर करेंगे, क्योंकि उनके लिए ऐसा न करना कोई मायने नहीं रखता।

ईरान ने पहले रखा था सीजफायर का प्रस्ताव

गुरुवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा था कि ईरान ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए 7 दिन की योजना का प्रस्ताव रखा है। इस योजना का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और उसके बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर व्यापक बातचीत शुरू करना था।

Updated on:
26 Sept 2026 12:45 pm
Published on:
26 Sept 2026 12:43 pm