
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस समय अमेरिका ने हमले रोके हुए हैं, जिसकी वजह से ईरान भी अभी मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना नहीं बना रहा। दोनों देशों के बीच सीज़फायर खत्म हो चुका है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) चाहते हैं कि यह फिर से लागू हो जाए। हालांकि वह समय-समय पर यह भी कहने से पीछे नहीं हटे हैं कि ज़रूरत पड़ने पर ईरान पर फिर हमले किए जाएंगे। इसी बीच अब ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध पर एक बड़ी बात कह दी है।
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि ईरान के खिलाफ युद्ध जल्द खत्म होगा। ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान ज़्यादा समय तक अमेरिका के आगे टिक सकता है।
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस बात का भी ज़िक्र किया कि पिछले 24 घंटों में ऐसी कई खबरें आई हैं कि अमेरिकी सेना के पास ईरान के साथ युद्ध लड़ने या उससे भी ज़रूरी, दूसरी सैन्य कार्रवाई करने के लिए, चाहे वो कोई नया युद्ध हो या समझौतों के तहत किसी सहयोगी देश की रक्षा करना हो, पर्याप्त हथियार और गोला-बारूद नहीं हैं। पैट्रियट मिसाइल सिस्टम्स से लेकर टॉमहॉक मिसाइलों, साइडवाइंडर्स और आम गोला-बारूद तक, हर चीज़ की भारी मांग रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि इन सभी खबरों के बावजूद, हथियारों और गोला-बारूद का प्रोडक्शन बढ़ाया जा रहा है और इन हथियारों की लागत का भुगतान अमेरिकी कांग्रेस को करना होगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना के पास सैन्य कार्रवाई करने के लिए ज़रूरी हथियारों और गोला-बारूद की कोई कमी नहीं है।
कुछ दिन पहले ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट के खुलने के विषय में जल्द ही डील होने की उम्मीद जताई थी। ईरान और ओमान (Oman) के बीच होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की बात चल रही है दोनों ऐसे ऐसे समझौते के करीब हैं जिससे होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से गुज़रने का एक ऐसा रास्ता तय हो जाएगा जो दोनों पक्षों को मंजूर हो। इससे इस अहम जलमार्ग से कमर्शियल जहाजों की आवाजाही बढ़ेगी।