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डोनाल्ड ट्रंप का दावा: बातचीत के लिए बेताब है ईरान, दी परमाणु सेंट्रीफ्यूज के ठिकाने पर घातक हमले की धमकी

Iran-US Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान पर घातक हमले की धमकी दी है। इसके साथ ही उन्होंने एक दावा भी किया है।
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Updated: 21 Jul 2026, 11:05 PM IST
Donald Trump
डोनाल्ड ट्रंप (Photo - Washington Post)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच हमलों का सिलसिला फिर से शुरू होने की वजह से मिडिल ईस्ट में तनाव काफी ज़्यादा बढ़ गया है। अमेरिका पिछली 10 रातों से लगातार ईरान को दहला रहा है, जिसके जवाब में ईरान भी मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले कर रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बड़ा दावा किया है।

ट्रंप का दावा - बातचीत के लिए बेताब है ईरान

पत्रकारों से बातचीत करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका से बातचीत करने के लिए ईरान बेताब है और जल्द से जल्द इस सिलसिले में मुलाकात करना चाहता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को तब तक बातचीत में कोई दिलचस्पी नहीं है जब तक उसका कोई परिणाम न निकले।

घातक हमले की दी धमकी

ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को घातक हमले की धमकी दी है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सेना जल्द ही ईरान के उस इलाके पर हमला करेगी, जहाँ परमाणु सेंट्रीफ्यूज होने की चर्चा है। ट्रंप ने कहा, "शायद बहुत जल्द अमेरिका, ईरान के उस ठिकाने पर हमला करेगा।" जब एक पत्रकार ने ट्रंप से सवाल किया कि क्या ईरान ने अपने सेंट्रीफ्यूज नतांज़ इलाके में पिकएक्स पर्वत पर पहुंचा दिए हैं, तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "वो इसके बारे में कुछ नहीं कर सकते। आम तौर पर मैं ऐसा नहीं कहता। अगर मुझे लगता कि वो इसके बारे में कुछ कर सकते हैं, तो मैं कभी ऐसा नहीं कहता, लेकिन हम बहुत जल्द उस इलाके पर हमला करेंगे, और यह एक घातक हमला होगा।"

ईरान के परमाणु प्रोग्राम के खिलाफ हैं ट्रंप

ट्रंप शुरू से ही ईरान के परमाणु प्रोग्राम के खिलाफ हैं और इसी वजह से उन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाते हुए तबाही मचाई। ट्रंप ने ईरान से अपने संवर्द्धित यूरेनियम को भी सौंपने या नष्ट करने की डिमांड की थी। हालांकि शांति समझौता खत्म होने के साथ ही यह चर्चा भी खत्म हो गई, लेकिन ट्रंप का रुख साफ हैं कि वह ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए हर ज़रूरी कदम उठाएंगे। वहीँ ईरान ने शुरू से इस मामला पर अपना रुख कायम रखा है कि वो परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता, बल्कि सिर्फ अपने देश की भलाई के लिए परमाणु ऊर्जा विकसित करना चाहता है।