Iran-US tensions: राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि मिडनाइट हैमर के बाद उन्हें चेतावनी दी गई थी कि वे भविष्य में अपने हथियार कार्यक्रम को फिर से शुरू करने का कोई प्रयास न करें।
Iran-US Tensions: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु हथियारों को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म कर दिया है और अपने पहले 10 महीनों में 8 युद्ध खत्म कर दिए हैं।
इस दौरान ट्रंप ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन के तहत अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमला कर उसके परमाणु कार्यक्रम को तबाह कर दिया। उन्होंने कहा कि दशकों से अमेरिका की नीति रही है कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे। मेरी प्राथमिकता कूटनीति है, लेकिन दुनिया के सबसे बड़े आतंक प्रायोजक को परमाणु हथियार नहीं रखने दूंगा।
ट्रंप ने कहा कि मिडनाइट हैमर के बाद उन्हें चेतावनी दी गई थी कि वे भविष्य में अपने हथियार कार्यक्रम को फिर से शुरू करने का कोई प्रयास न करें। फिर भी वे ऐसा करना जारी रखे हुए हैं, और इस समय फिर से अपनी नापाक परमाणु महत्वाकांक्षाओं को अंजाम दे रहे हैं।
बता दें कि यह हमला जून 2025 में ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों पर किया गया था, जिससे भारी नुकसान हुआ, हालांकि नुकसान की वास्तविक सीमा पर अलग-अलग आकलन सामने आए।
संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है, लेकिन ईरान ने परमाणु समझौते पर अभी तक कुछ नहीं कहा है। उन्होंने कहा कि हम उनसे बातचीत कर रहे हैं, वे समझौता करना चाहते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ऐसी लंबी दूरी की मिसाइलें बनाने की कोशिश कर रहा है जो अमेरिका तक पहुंचकर हमला कर सकें। उन्होंने कहा कि ईरान के पास पहले से ही ऐसी मिसाइलें हैं जो यूरोप और विदेशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकती हैं, और अब वे ऐसी मिसाइलें बनाने पर काम कर रहे हैं जो सीधे अमेरिका तक पहुंच जाएं।
अपने संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे ईरान के साथ बढ़ते तनाव को युद्ध नहीं, बल्कि बातचीत से सुलझाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वे समस्या का समाधान चाहते हैं, लेकिन ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने ईरान को दुनिया में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला सबसे बड़ा देश भी बताया।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि दिसंबर 2025 में ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद वहां 32,000 लोगों की मौत हो गई।