
Donald Trump Criticizes UK Airbase Terror Suspects Bail: ब्रिटेन के रॉयल एयर फोर्स फेयरफोर्ड हवाई अड्डे के पास आतंकी साजिश के शक में गिरफ्तार किए गए पांच लोगों को जमानत पर छोड़े जाने से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाराज हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर फैसला उनके हाथ में होता तो वह इन पांचों को रिहा नहीं करते। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले का संबंध ईरान से हो सकता है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया।
ब्रिटिश आतंकवाद रोधी पुलिस ने रविवार को पश्चिमी इंग्लैंड के फेयरफोर्ड इलाके में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। यह हवाई अड्डा अमेरिकी सेना के लिए भी इस्तेमाल होता है। यहां से अमेरिकी बी-1 बमवर्षक विमान ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए उड़ान भर रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए सभी पांच लोग ब्रिटिश नागरिक हैं। उनकी उम्र 23 से 25 साल के बीच है। उन्हें शुरुआत में विस्फोटक रखने से जुड़े कानून के तहत हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें आतंकी गतिविधि की तैयारी के संदेह में भी गिरफ्तार किया गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान संदिग्धों को जमानत मिलने पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि वह इन लोगों को रिहा नहीं करते। ट्रंप ने कहा कि संदिग्धों की गतिविधियां ईरान से जुड़ी हो सकती हैं। हालांकि, उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की। ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस मामले का जवाब पता है लेकिन वह अभी इसके बारे में विस्तार से नहीं बताना चाहते।
इस घटना में ईरान की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, ईरान ने इन आरोपों को खारिज किया है। लंदन स्थित ईरानी दूतावास ने कहा कि कुछ ब्रिटिश लोगों और मीडिया की ओर से संदिग्धों को ईरान से जोड़ने की कोशिश निराधार है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने भी मामले में किसी विदेशी देश की भूमिका पर फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है और इस स्तर पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
तीन संदिग्ध वैन मिलने के बाद बढ़ी थी हलचल
पुलिस को एयरबेस के पास तीन सफेद वैन मिली थीं। इन वाहनों के आसपास बम निरोधक दस्ते की कार्रवाई भी देखी गई। हवाई तस्वीरों में एक बम निरोधक रोबोट को वैन के आसपास घूमते हुए देखा गया। घटना के बाद इलाके के करीब 85 घरों को खाली कराया गया था। सोमवार शाम पुलिस ने इन घरों में रहने वाले लोगों को वापस लौटने की अनुमति दे दी। हालांकि, एयरबेस के आसपास सुरक्षा व्यवस्था अभी भी कड़ी है।
ब्रिटिश अधिकारियों ने साफ किया है कि पांचों लोगों को जमानत पर छोड़ने का मतलब यह नहीं है कि जांच खत्म हो गई है। सभी संदिग्धों पर सख्त जमानत शर्तें लागू की गई हैं।
ब्रिटिश आतंकवाद रोधी पुलिस मामले की हर संभावित दिशा से जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे किसी विदेशी देश से जुड़े लोग या संगठन हो सकते हैं।
इस घटना से पहले जुलाई में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने फेयरफोर्ड एयरबेस का जिक्र किया था। ईरानी पक्ष ने चेतावनी दी थी कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए इस्तेमाल होने वाला कोई भी सैन्य अड्डा उसके लिए वैध निशाना माना जाएगा। मार्च में ब्रिटेन ने अमेरिकी वायुसेना को फेयरफोर्ड से ईरानी मिसाइल ठिकानों के खिलाफ अभियान चलाने की अनुमति दी थी। ऐसे में मौजूदा घटना ने एयरबेस की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल ब्रिटेन की जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। वहीं, ट्रंप के बयान के बाद इस घटना में ईरान की संभावित भूमिका को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। हालांकि, ईरान ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है और ब्रिटिश अधिकारियों ने भी अभी किसी विदेशी भूमिका की पुष्टि नहीं की है।