
अमेरिका (United States Of America) के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर में होने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव से पहले ट्रंप पर केस चलाए जाने की संभावना को रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ट्रंप के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के जजों की बेंच ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि पूर्व राष्ट्रपति पद पर रहते हुए किए गए आधिकारिक कार्यों के लिए मुकदमे से पूरी तरह से छूट के हकदार होते हैं, लेकिन अनौपचारिक कार्यों के लिए कोई छूट नहीं है।
क्या है आरोप?
अभियोजकों का आरोप है कि ट्रंप ने 2020 के चुनाव में अपनी हार को पलटने की साजिश की। ट्रंप ने अधिकारियों पर दबाव डाला था और सत्ता में बने रहने के प्रयास में 6 जनवरी, 2021 को कैपिटल दंगे भड़काए थे और उन दंगों का फायदा उठाने की कोशिश की थी।
ट्रंप की जीत बनी बाइडन की हार
सुप्रीम कोर्ट के ट्रंप के पक्ष में फैसला सुनाने से न सिर्फ उन्हें राहत मिली है, बल्कि यह उनके लिए एक बड़ी जीत भी है। पर ट्रंप को मिली यह जीत बाइडन के लिए हार से कम नहीं है।
हश मनी मामले में अभी भी लग सकता है ट्रंप को झटका
हश मनी (Hush Money) मामले में ट्रंप को दोषी करार दिया जा चुका है। दरअसल पॉर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स (Stormy Daniels) ने ट्रंप के साथ शारीरिक संबंधों के मामले पर कहा था कि ट्रंप ने अपने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान स्टॉर्मी को चुप रहने के लिए पैसे दिए थे। स्टॉर्मी ने ट्रंप पर 34 आरोप लगाए थे और न्यूयॉर्क (New York) के एक कोर्ट ने ट्रंप को सभी 34 मामलों में दोषी करार दिया है। ट्रंप को इन सभी मामलों में 11 जुलाई को सज़ा मिलेगी। ऐसे में अभी भले ही ट्रंप को चुनावी नतीजे पलटने के मामले में राहत मिल गई हो, क्योंकि उस समय वह राष्ट्रपति थे, पर 2016 में वह राष्ट्रपति नहीं थे और अगर 11 जुलाई को उन्हें सज़ा मिलती है, तो छूट नहीं मिलेगी।
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