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ग्रीनलैंड में अब चलेगी अमेरिका की मर्जी? ट्रंप ने किया स्थायी समझौते का ऐलान, डेनमार्क का भी आया जवाब

Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड और डेनमार्क के साथ स्थायी सुरक्षा समझौते का दावा किया है। इस पर डेनमार्क ने भी हामी भर दी है।
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Sep 19, 2026
Donald Trump on Iran Pickaxe Mountain.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo- ANI)

Green Land Deal: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़े समझौते का दावा किया है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के प्रतिनिधियों के साथ एक स्थायी समझौता किया है, जिसके तहत उसे इस द्वीप की सुरक्षा के मामले में पूरी छूट मिलेगी।

उन्होंने इसे ऐसा समझौता बताया है जिसकी कोई समय सीमा नहीं होगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका को इसके लिए कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा।

ग्रीनलैंड को लेकर तीन सरकारें हस्ताक्षर करेंगी

अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को ग्रीनलैंड की सुरक्षा और रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की हमेशा पूरी आजादी रहेगी। इस दावे पर डेनमार्क ने भी आधिकारिक मुहर लगा दी है।

डेनमार्क के प्रधानमंत्री ने कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के साथ समझौते पर अगले हफ्ते यूएन जनरल असेंबली के दौरान तीन सरकारें हस्ताक्षर करेंगी।

ग्रीनलैंड में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी

ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि अमेरिका ग्रीनलैंड के उस हिस्से में बड़ी सैन्य मौजूदगी विकसित करने की प्रक्रिया जल्द शुरू करेगा, जहां इसकी जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि इस काम में ग्रीनलैंड के लोगों को भी शामिल किया जाएगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक, इस समझौते का उद्देश्य केवल अमेरिका की सुरक्षा सुनिश्चित करना नहीं है, बल्कि ग्रीनलैंड और उसके सहयोगी देशों की सुरक्षा को भी मजबूत करना है।

उन्होंने दावा किया कि समझौते से अमेरिका को ग्रीनलैंड में जरूरी सैन्य गतिविधियां करने की स्थायी क्षमता मिलेगी। ट्रंप ने इसे अमेरिका, डेनमार्क, ग्रीनलैंड और उसके सहयोगी देशों के लिए फायदेमंद बताया।

विरोधी देशों की सैन्य मौजूदगी पर रोक का दावा

ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्जा जमाने के बारे में सोच रहे अमेरिका के विरोधी देशों को भी बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अब कोई भी अमेरिकी विरोधी देश वहां सैन्य अड्डा नहीं बना सकेगा, अपनी सैन्य मौजूदगी स्थापित नहीं कर सकेगा और न ही संवेदनशील क्षेत्रों में निवेश कर सकेगा।

ट्रंप ने साफ कहा कि ऐसी किसी भी गतिविधि के लिए अमेरिका की लिखित मंजूरी जरूरी होगी। इस दावे के लागू होने का तरीका और समझौते की कानूनी शर्तें हालांकि उनके पोस्ट में स्पष्ट नहीं की गई हैं।

'इनफिनिट लाइफ' समझौते का क्या है मतलब?

ट्रंप ने इस समझौते को 'इनफिनिट लाइफ' यानी अनिश्चित समय तक चलने वाला करार बताया है। उनके अनुसार, इसकी कोई समाप्ति तिथि नहीं होगी और अमेरिका को ग्रीनलैंड की सुरक्षा से जुड़े मामलों में लंबे समय तक अधिकार हासिल रहेंगे।

हालांकि, समझौते की पूरी शर्तें अभी सार्वजनिक नहीं हुई हैं। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि अमेरिका को किन मामलों में कितने अधिकार मिलेंगे और इनका इस्तेमाल किस प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।

डेनमार्क और ग्रीनलैंड की संप्रभुता पर क्या होगा असर?

ग्रीनलैंड डेनमार्क के अधीन एक स्वशासित क्षेत्र है। अमेरिका की वहां पहले से सैन्य मौजूदगी है। नए समझौते की चर्चा ऐसे समय में हुई है, जब ट्रंप पहले भी ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की इच्छा जता चुके हैं।

एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते से अमेरिका की सैन्य मौजूदगी बढ़ सकती है, लेकिन इससे ग्रीनलैंड का अमेरिका में विलय नहीं होता।

डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने भी कहा है कि समझौता उनकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है। इसे औपचारिक रूप देने के लिए हस्ताक्षर और संसदीय प्रक्रिया बाकी है।

Updated on:
19 Sept 2026 06:37 am
Published on:
19 Sept 2026 06:29 am