
Donald Trump Truth Social: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि अमेरिका की जीत के साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिलेगी। ट्रंप ने संकेत दिया कि इसका असर सीधे आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा और पेट्रोल की कीमतें पहले 3 डॉलर प्रति गैलन तक आ सकती हैं, जबकि आगे चलकर यह स्तर 2 डॉलर से भी नीचे जा सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर तेल की कीमतों को लेकर यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ संघर्ष समाप्त होने और अमेरिका की जीत के बाद ऊर्जा की कीमतों में बहुत तेज गिरावट आएगी। ट्रंप ने इस गिरावट को बेहद तीव्र बताते हुए कहा कि पेट्रोल की कीमत करीब 3 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच सकती है और अंततः यह 2 डॉलर प्रति गैलन से भी नीचे जाने की संभावना है।
ट्रंप के मुताबिक घटनाक्रम तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने ईरान को लेकर अमेरिका की परमाणु नीति भी स्पष्ट करते हुए कहा कि ईरान को कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।
ट्रंप के बयान का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि इसी दौरान अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ा हुआ है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, Brent crude oil futures करीब 97 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो लगभग छह सप्ताह का उच्च स्तर है।
ईरान से जुड़े सैन्य तनाव और रणनीतिक जलमार्ग में जारी गतिविधियों ने बाजार की चिंताओं को बढ़ाया है। तेल कारोबारियों की सबसे बड़ी चिंता आपूर्ति और परिवहन मार्गों पर संभावित असर को लेकर है। मध्य-पूर्व दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम क्षेत्र है, इसलिए यहां लंबे समय तक तनाव रहने पर कच्चे तेल की कीमतों में और अस्थिरता आ सकती है।
अगर वास्तव में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी और लगातार गिरावट आती है, तो इसका असर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा। वैश्विक बाजार में सस्ता कच्चा तेल आयात करने वाले देशों के लिए ईंधन लागत को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमत केवल अंतरराष्ट्रीय क्रूड रेट पर निर्भर नहीं करती। इसमें टैक्स, रिफाइनिंग खर्च, परिवहन, विनिमय दर और स्थानीय कीमत निर्धारण जैसे कई कारक शामिल होते हैं।
इसलिए ट्रंप का 2 डॉलर से नीचे पेट्रोल पहुंचने का दावा फिलहाल एक राजनीतिक और आर्थिक अनुमान के तौर पर देखा जाना चाहिए। आने वाले दिनों में ईरान-अमेरिका संघर्ष की दिशा और तेल आपूर्ति पर उसका वास्तविक असर ही तय करेगा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार किस ओर जाता है।
न्यूज सोर्स : यह रिपोर्ट राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के Truth Social पोस्ट में दिए गए बयानों पर आधारित है।