
बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले के खड़कोचा में ड्रोन हमले में बच्चे समेत तीन लोग घायल, photo: IANS
Balochistan Drone Attack: बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले के खड़कोचा इलाके में पाकिस्तानी बलों के ड्रोन हमले में एक बच्चे समेत तीन लोग घायल हो गए हैं। स्थानीय मीडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया कि हमला खड़कोचा के गारो क्षेत्र में हुआ। घायलों को नवाब गौस बख्श रईसानी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। इस इलाके में लोग पहले से ही सैन्य अभियानों और आवाजाही पर लगे प्रतिबंधों का खामियाजा भुगत रहे हैं।
बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, कड़े सुरक्षा उपायों ने स्थानीय समुदायों और मानवाधिकार संगठनों के बीच उनके मानवीय परिणामों को लेकर चिंता पैदा कर दी है। मस्तुंग के कई हिस्सों में पाकिस्तानी बलों द्वारा हवाई और ड्रोन हमले भी देखे गए हैं। इसके परिणामस्वरूप नागरिकों की मौतें और घायल होने की घटनाएं सामने आई हैं।
इस बीच एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने कहा कि मस्तुंग में दो स्थानों से कम से कम छह अज्ञात शवों की बरामदगी ने इस आशंका को बढ़ा दिया है कि वे उन बलूच युवाओं के हो सकते हैं जिन्हें पहले पाकिस्तानी बलों द्वारा जबरन गायब कर दिया गया था।
बलूच वॉइस फॉर जस्टिस (BVJ) के अनुसार, बरामद शवों पर यातना के निशान मिले हैं। कई घंटों बाद पुलिस अधिकारी अब्दुल रऊफ बलूच की निगरानी में शवों को वहां से हटाकर अस्पताल ले जाया गया।
मानवाधिकार संगठन ने कहा कि शवों को बाद में क्वेटा ले जाया गया, लेकिन बाद में वापस लाकर उसी मुख्य हाईवे पर फेंक दिया गया। कुछ घंटों बाद शवों को कथित तौर पर एक जम्बाड वाहन (पिकअप गाड़ी) में लादकर एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।
घटना को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए बीवीजे ने कहा कि बलूचिस्तान में निर्दोष नागरिकों, विशेषकर युवाओं को कथित तौर पर उनके घरों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक सड़कों से जबरन गायब किया जा रहा है और गुप्त हिरासत केंद्रों में ले जाया जा रहा है, जहां उन्हें गंभीर यातना दी जाती है।
उसने आगे आरोप लगाया कि कई जबरन गायब किए गए लोगों को हिरासत में मार दिया जाता है और बाद में उनकी मौत को मुठभेड़ के रूप में दिखाने की कोशिश की जाती है। बीवीजे ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से छह अज्ञात शवों की तत्काल और पारदर्शी जांच करने, उनकी पहचान स्थापित करने और यह पता लगाने का आह्वान किया कि क्या वे उन लोगों में से थे जिन्हें पहले जबरन गायब किया गया था।
Updated on:
08 Sept 2026 05:19 am
Published on:
08 Sept 2026 05:17 am
