
Donald Trump on Beirut Attack: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को लेबनान की राजधानी बेरूत पर इजराइली हमले को लेकर नाराजगी जताई है। ट्रंप ने कहा कि यह हमला नहीं होना चाहिए था, खासकर ऐसे समय में जब ईरान के साथ शांति समझौते को लेकर बातचीत निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने की कोशिशों को नुकसान पहुंचा सकती है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र एक ऐतिहासिक समझौते के बेहद करीब है और ऐसे समय में तनाव बढ़ाने वाले कदमों से बचना चाहिए।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि रविवार सुबह बेरूत पर किया गया हमला नहीं होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इजराइल को अपनी सुरक्षा का अधिकार है, लेकिन जिस घटना के जवाब में यह कार्रवाई की गई, वह बहुत छोटी थी और उसमें कोई घायल या मौत नहीं हुई थी।
उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से उस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को प्रभावित नहीं होना चाहिए, जो क्षेत्र में व्यापक शांति स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के साथ चल रही वार्ताओं में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और समझौता अब काफी करीब है। उनके अनुसार, यह समझौता सिर्फ ईरान ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र, खासकर लेबनान में भी शांति लाने में मदद कर सकता है।
ट्रंप ने सभी पक्षों से हमले रोकने की अपील करते हुए कहा कि न तो इजराइल को लेबनान में आगे कोई हमला करना चाहिए और न ही हिजबुल्लाह या किसी अन्य समूह को इजराइल पर हमले करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति लंबे समय तक चलने वाली शांति की शुरुआत बन सकती है और इसे खराब नहीं किया जाना चाहिए।
इजराइली रक्षा बल (IDF) ने रविवार को कहा कि उसने बेरूत के दहियेह इलाके में हिजबुल्लाह के एक कमांड सेंटर पर सटीक हमला किया है। सेना के अनुसार, यह कार्रवाई हिजबुल्लाह की ओर से इजराइली क्षेत्र की तरफ हवाई लक्ष्यों को भेजे जाने के बाद की गई।
IDF ने कहा कि जिस ठिकाने को निशाना बनाया गया, वहां से हिजबुल्लाह के सदस्य इजराइली नागरिकों और दक्षिणी लेबनान में तैनात सैनिकों के खिलाफ हमलों की योजना बना रहे थे।
वहीं हिजबुल्लाह ने अपने बयान में कहा कि उसने दक्षिणी लेबनान के कंतारा इलाके में इजराइली सैनिकों के एक समूह को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया है। दोनों पक्षों के दावों के बीच क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, एक इजराइली सूत्र ने दावा किया है कि बेरूत पर हमले से पहले इजराइल ने अमेरिका को इसकी जानकारी दे दी थी। सूत्र के मुताबिक, इजराइली अधिकारियों ने यह भी ध्यान में रखा था कि इस कार्रवाई के जवाब में ईरान बैलिस्टिक मिसाइल हमला कर सकता है।
इजराइली सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर भी वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। सेना संभावित जवाबी हमलों को देखते हुए सतर्क बनी हुई है।
इससे एक दिन पहले शनिवार को ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ शांति समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। उन्होंने इस समझौते को परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया था।
ट्रंप ने यह भी कहा था कि समझौते पर हस्ताक्षर होने के तुरंत बाद होरमुज जलडमरूमध्य सभी के लिए खुला रहेगा। उनके अनुसार, यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक व्यापार के लिए अहम साबित हो सकता है।
हालांकि, बेरूत पर हुए ताजा हमले के बाद पश्चिम एशिया में जारी कूटनीतिक प्रयासों और सुरक्षा हालात पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।