
Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप आज यानी 20 जनवरी को दोपहर 12 बजे (भारतीय समयानुसार रात 10:30 बजे) राष्ट्रपति पद की शपथ लेने वाले हैं। इससे पहले उन्होंने शपथ ग्रहण (Trump Oath Ceremony) की पूर्व संध्या पर अमेरिका की जनता को संबोधित करते हुए एक विशाल रैली की। इस रैली में उन्होंने कई बड़ी बातें बोलीं लेकिन भाषण का केंद्र अमेरिका का एक बड़ा मुद्दा रहा। ये मुद्दा था अप्रवासन यानी Immigration का। इस रैली में मंच पर डोनाल्ड ट्रंप के साथ टेक दिग्गज एलन मस्क (Elon Musk) भी मौजूद थे। एलन मस्क जो अप्रवासन के पक्ष में अपना रूख साफ कर चुके हैं।
वहीं इस रैली के आखिर में ट्रम्प ने डिस्को बैंड विलेज पीपल के साथ डांस भी किया। जब उन्होंने अपना 1970 का हिट गीत "YMCA" पेश किया, बता दें कि ये गाना डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव अभियान का अनौपचारिक गाना बन गया है।
AFP न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक शपथ ग्रहण की पूर्व संध्या पर डोनाल्ड ट्रम्प के एक घंटे लंबे भाषण का ज्यादातर हिस्सा आव्रजन नीति (USA Immigration Policy) पर आधारित था। आव्रजन का मुद्दा उन कारकों में से एक है जिसने डोनाल्ड ट्रंप को चुनाव जीतने में सबसे ज्यादा मदद की। अपने इस भाषण में ट्रम्प ने कहा कि वे अमेरिका की सीमाओं पर आक्रमण को रोकने जा रहे हैं। उन्होंने पदभार ग्रहण करने के कुछ ही दिनों के भीतर अवैध प्रवासियों पर छापेमारी शुरू करने का वादा किया। जिसके तहत लाखों अप्रवासियों को अमेरिका से निकाला जाएगा। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में अप्रवासियों को अमेरिका से बाहर निकालने में कई साल लग सकते हैं और इसमें काफी खर्च भी आएगा।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप की इस योजना से जुड़े एक सूत्र ने बताया है कि ट्रम्प सोमवार 20 जनवरी को शपथ लेते ही 200 से ज्यादा कार्रवाई करेंगे। एक और सूत्र ने बताया कि ट्रम्प के पहले कार्यकारी आदेशों में सीमा सुरक्षा सबसे अहम होगी। जिसमें ड्रग कार्टेलों को "विदेशी आतंकवादी संगठन" के तौर पर रखा गया है। इसमें अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर इमरजेंसी का ऐलान करना और लोगों से "मैक्सिको में ही रहें" नीति को फिर से लागू करना शामिल है। जो कि गैर-मैक्सिकन शरणार्थियों के मुद्दों को सुलझाने तक उनके मैक्सिको में ही रहने को बाध्य करती है।
ऐसे में डोनाल्ड ट्रम्प की निर्वासन योजनाओं ने उन आप्रवासियों को अस्थिर कर दिया है, जिन्हें हटाया जाना है। इनमें से कुछ ऐसे भी हैं जिनके बारे में आप्रवासी समर्थकों का कहना है कि ये लोग अमेरिका की आव्रजन नीति के तहत ही अमेरिका में आए हैं और अब वे एक अमेरिकी जीवनसाथी और बच्चों के साथ वाले एक परिवार में हैं। उन्हें यहां से नहीं निकाला जाना चाहिए।
लेकिन अपने भाषण में ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सेना कट्टरपंथी विचारधाराओं को देश से बाहर निकालेगी और सेना को अमेरिका के ऊपर मिसाइल रक्षा कवच बनाने का आदेश देंगे। हालांकि अपने इस भाषण में उन्होंने ये नहीं बताया है कि वे इसे कैसे लागू किया जाएगा।
दरअसल डोनाल्ड ट्रंप पूरी अप्रवासन नीति को बदलने जा रहे हैं उन्होंने इस पर कोई बयान नहीं दिया, उन्होंने सिर्फ मैक्सिको बॉर्डर से हो रही अवैध घुसपैठ और प्रवासियों को लेकर वादा किया है। उन्होंने किसी दूसरे देश के प्रवासियों के लेकर भाषण में कुछ नहीं कहा। ऐसे में कई विश्लेषक ये अंदाजा लगा रहे हैं कि वे इस नीति के कुछ हिस्सों को ही बदल सकते हैं। ट्रंप के इस रुख पर एलन मस्क का प्रभाव सबसे ज्यादा दिखा। क्योंकि हाल ही में एलन मस्क ने अप्रवासन नीति को लेकर अपना समर्थन जता दिया था इसके लिए वे ट्रंप के समर्थकों के लिए भी लड़ गए थे। एलन मस्क ने तब बयान देते हुए कहा था कि अमेरिका को आगे बढा़ने के लिए उन्हे हुनरमंद लोगों की जरूरत है और अगर वे बाहर के देशों से आ रहे हैं तो इसमें कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। मस्क के इस बयान के बाद ट्रंप के अप्रवासन विरोधी रुख में थोड़ी नरमी आई थी।
दरअसल मैक्सिको गरीबी और बेरोजगोरी से त्रस्त है। ऐसे में वहां से बड़ी संख्या में लोग अमेरिका बॉर्डर पार कर अवैध रूप से एंट्री ले रहे हैं। एक आंकड़े के मुताबिक दिसंबर 2023 में अमेरिकी सीमा गश्ती दल ने 2,49,737 मैक्सिकन प्रवासियों को पकड़ा था। जो किसी भी महीने के लिए सबसे ज़्यादा था। वहीं, अक्टूबर 2023 से सितंबर 2024 के बीच सीमा पर आए लोगों की संख्या 21,35,005 थी। ये आंकड़ा 2021 के बाद से सबसे कम था।
अमेरिकी सरकार के दबाव के बाद मेक्सिको की सरकार ने अमेरिका-मैक्सिको सीमा तक पहुंचने वाले प्रवासियों को रोकने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। 2024 में जनवरी से अगस्त तक को अमेरिका-मैक्सिको बॉर्डर पर 9,25,085 मामले में अमेरिकी सैनिकों से प्रवासियों से मुठभेड़ के सामने आए थे। वहीं सीमा गश्ती दल ने प्रवासियों की गिरफ्तारी में 2023 से 25 प्रतिशत की कमी की है।
डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एंट्री लेने से पहले दिन ही बहुत सारे कार्यकारी आदेश जारी करने का वादा भी किया, जिसमें स्कूलों में ट्रांसजेंडर्स पर व्यापक फैसला, आलोचनात्मक नस्ल सिद्धांत पर प्रतिबंध लगाना और ट्रांस एथलीटों को महिला खेलों से बाहर रखना शामिल है।