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ईरान ने दी धमकी – ‘हमारी संपत्तियों पर हुआ हमला तो अमेरिका पर भी होगा हमला’

Iran-US Conflict: ईरान ने अपनी संपत्तियों पर हमला होने की स्थिति में अमेरिका पर हमला करने की धमकी दे दी है।
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भारत

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Tanay Mishra

Sep 07, 2026

Mohammad Bagher Ghalibaf

मोहम्मद बाघेर गालिबफ (File Photo/@mb_ghalibaf)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच स्थिति गंभीर बनी हुई है। ताज़ा हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। दोनों देशों की तरफ से एक-दूसरे को धमकियाँ देने का सिलसिला भी जारी है। इसी बीच अब ईरान ने अमेरिका को हमले की धमकी दी है।

"हमारी संपत्तियों पर हुआ हमला तो अमेरिका पर भी होगा हमला"

अमेरिकी युद्ध (रक्षा) मंत्री पीट हेग्सेथ (Pete Hegseth) ने ईरान को चेतावनी देते हुआ कहा था कि अगर ईरान ने अमेरिकी जहाजों पर गोली चलाई, तो अमेरिकी सेना उनके तेल टैंकरों को नष्ट करते हुए डुबो) देंगे। हेग्सेथ ने कहा था कि ईरानी सेना को अमेरिकी नेवी पर गोली नहीं चलानी चाहिए क्योंकि ईरान का तेल टैंकर बेड़ा असुरक्षित है और ईरान के पास कोई नेवी या एयरफोर्स नहीं है और अमेरिका के विमान, जहाज और पनडुब्बियाँ उन सभी पर हमला कर सकते हैं। इसके जवाब में ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने अमेरिका को धमकी देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "बात साफ है कि यहाँ तेल और गैस का प्रोडक्शन नेटवर्क बहुत बड़ा है, जिस तक आसानी से पहुँचा जा सकता है और वो असुरक्षित है। इन इलाकों और सुविधाओं में काम करने वाली अमेरिकी तेल और गैस कंपनियाँ भी इसी जोखिम का सामना करती हैं। अगर अमेरिका हमारी संपत्तियों पर हमला करेगा, तो अमेरिका पर भी हमला होगा। हमने यह पहले ही साबित कर दिया है। यह बात उन सैन्य ठिकानों से पूछिए जो अब काम के नहीं रहे।"

ईरान कभी नहीं करेगा सरेंडर

गालिबफ सिर्फ ईरानी संसद के स्पीकर ही नहीं, बल्कि ईरान के मुख्य वार्ताकारों में से एक भी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की लगातार धमकियों के जवाब में गालिबफ पहले ही साफ कर चुके हैं कि ईरान कभी भी सरेंडर नहीं करेगा। गालिबफ ने कुछ समय पहले कहा था कि अगर अमेरिका शांति समझौते से पीछे हटकर फिर से युद्ध चाहता है तो ईरान की सेना भी तैयार है। गालिबफ के अनुसार ईरानी सेना देश की रक्षा के लिए पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। ईरानी सेना पूरी तरह से रक्षा के लिए तैयार है और अमेरिका के खिलाफ मज़बूती से खड़े होकर ईरानी लोगों के अधिकारों की रक्षा करेगी