Donald Trump on India Canada Dispute: भारत और कनाडा का विवाद लगातार बढ़ता ही जा रहा है। अब अमेरिका इन दोनों देशों में किसका साथ देता है, कैसे ये विवाद सुलझाता है, इस पर पूरी दुनिया की नजरें रहने वाली हैं।
Donald Trump on India Canada Dispute: डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका का राष्ट्रपति चुनाव जीत चुके हैं। दुनिया के सुपरपॉवर अमेरिका (USA) में हुए इस सत्ता परिवर्तन से बदलाव सिर्फ अमेरिका में नहीं बल्कि पूरी दुनिया में आने वाला है। चाहे मामला मिडिल ईस्ट (Middle East Tension) में छाए संघर्ष का हो या फिर वैश्विक राजनीति को नया आयाम देने का। अमेरिका पूरी दुनिया का सेंटर ऑफ पॉवर है। ऐसे में हर देश की दूसरे देश के साथ होने वाली सियासत में अमेरिका का सीधा-सीधा दखल रहता है। अब बात यहां पर भारत और कनाडा विवाद की हो रही है। भारत और कनाडा विवाद इस समय पूरी दुनिया का हॉट टॉपिक बना हुआ है। अमेरिका से उम्मीद जताई जा रही थी कि वो इस विवाद को सुलझाएगा लेकिन अमेरिका में चुनाव (US Presidential Elections 2024) के चलते इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया। लेकिन अब अमेरिका में चुनाव का दौर समाप्त हो गया है। डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव जीतने के बाद अब सारी नजरें ट्रंप पर जा टिकी हैं कि भारत और कनाडा में ट्रंप किसकी तरफ रहने वाले हैं।
डोनाल्ड ट्रंप भारत और कनाडा में किसका साथ देंगे, ये सवाल जितना सरल है इसका जवाब उतना ही पेचीदा है। क्योंकि अमेरिका के लिए भारत और कनाडा दोनोें ही महत्वपूर्ण हैं। भारत के साथ अमेरिका की गहरी दोस्ती है, व्यापारिक, सामरिक, सुरक्षा, आर्थिक मोर्चों पर अमेरिका भारत के साथ खड़ा है। दोनों देशों के बीच पारस्परिक संबंध बेहद गहरे हैं। कई वैश्विक मुद्दों पर अमेरिका भारत के साथ खड़ा हुआ है।
वहीं बात अगर कनाडा की करें तो कनाडा अमेरिका का पड़ोसी देश है। दोनों देश एक दूसरे के साथ 8,891 किमी की सबसे लंबी सीमा साझा करते हैं। कनाडा और अमेरिका एक दूसरे को पसंदीदा दोस्त देशों की श्रेणी में रखते हैं। कनाडा और अमेरिका के बीच अहम व्यापार समझौते तो है हीं साथ ही दोनों देशों का सैन्य अंतर-संचालन भी होता है।
ऐसे में ट्रंप के लिए भी दोनों देशों में किसी एक देश का साथ देना बेहद मुश्किल होगा ऐसे में वो इस विवाद के सुलझाने का रास्ता ही निकालने की कोशिश करेंगे।
भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रमुख नेता और हिंदू फॉर ट्रंप समूह के लीडर सुधीर पारिख ने भारत-कनाडा विवाद को सुलझाने में ट्रंप की भूमिका पर बड़ा बयान दिया है। पारिख ने कहा कि उनके समूह ने ट्रंप के सामने इस मुद्दे को उठाया है। उन्होंने कहा कि “हमने चर्चा की और डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से वादा किया गया है कि अगर वो चुने जाते हैं, इस विवाद को जरूर सुलझाएंगे।
पारीख ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक भारत-कनाडा के इस मुद्दे को कूटनीतिक रूप से सुलझाने की जरूरत है। दोनों देशों के बीच व्यापार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, छात्र विनिमय और प्रवासी जैसे संबंधों के महत्वपूर्ण पहलू हैं। पारीख के बयान से ये साफ है कि राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप इस विवाद को सुलझाने के लिए किसी एक देश का साथ नहीं बल्कि बेहद कूटनीतिक तरीके से इसका रास्ता निकालेंगे। जिसका इंतजार भारत और कनाडा दोनों को रहेगा।
बता दें कि कनाडा ने खालिस्तानी चरमपंथी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप भारत पर लगाया है। जिसके बाद से भारत और कनाडा के संबंध अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गए हैं। कनाडा ने बिना सबूत साझा किए भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया है और कनाडा में भारतीय राजनयिकों को सुरक्षा प्रदान नहीं की है। हाल ही में कनाडा में हिंदू मंदिर पर खालिस्तानियों के उपद्रव मचाने के बाद ये हालात और भी बदतर हो गए हैं।