
अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने 7 अप्रैल को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया था जिसने सभी को हैरान कर दिया था। ईरान (Iran) को धमकी देते हुए ट्रंप ने लिखा, “एक पूरी सभ्यता आज रात मर जाएगी, जो कभी वापस नहीं लाई जा सकेगी। मैं ऐसा नहीं चाहता, लेकिन शायद ऐसा ही होगा।” मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप की इस पोस्ट से यूरोप (Europe) और एशिया (Asia) में टेंशन बढ़ गई थी।
सोशल मीडिया पर ट्रंप की इस पोस्ट के बाद यूरोप और ईरान को इस बात का डर सता रहा था कि कहीं अमेरिका ईरान पर परमाणु हमला न कर दे। अमेरिकी विदेश विभाग से संपर्क करने के बाद यूरोप में और ज़्यादा बेचैनी फैल गई, जिसने कहा था कि इस सोशल मीडिया पोस्ट से ट्रंप का क्या मतलब था या उनकी टिप्पणियों के क्या परिणाम होंगे, यह 'अस्पष्ट' है।
इस सोशल मीडिया पोस्ट को ट्रंप प्रशासन ने 'मैडमैन थ्योरी' यानी पागलपन की रणनीति बताया, जिससे ईरान झुक गया। लेकिन इस घटना ने सहयोगी देशों में अमेरिका पर भरोसा घटाया। कई एक्सपर्ट्स ने ट्रंप की इस हरकत को पागलपन भी बताया और कहा कि ईरान पर दबाव बनाने के लिए इस तरह की धमकी देना सही नहीं, बल्कि काफी खतरनाक रणनीति थी।
ईरान और अमेरिका के बीच सीज़फायर के बीच तनाव की स्थिति भी बनी हुई है। हालांकि पाकिस्तान (Pakistan) की मध्यस्थता में दोनों देशों ने बातचीत भी जारी है, जिसकी पुष्टि रानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (Esmaeil Baghaei) ने भी की है। बघाई ने एक इंटरव्यू के दौरान मीडिया से बात करते हुए बताया कि भले ही ईरान अमेरिका को गहरे संदेह की नज़र से देखता आ रहा है, लेकिन फिर भी बातचीत कर रहा है।
दोनों देशों में एक-दूसरे की शर्तों पर सहमति नहीं बन पा रही है और इसी वजह से अब तक कोई समझौता नहीं हुआ है। अमेरिका अपनी ज़िद पर अड़ा है, तो ईरान भी झुकने के लिए तैयार नहीं है।