अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब तक भारत पर रूस-यूक्रेन युद्ध में रूसी तेल खरीदकर उसके हमले की फंडिंग करने का आरोप लगाते आए हैं। लेकिन अब इस युद्ध के बारे में ट्रंप ने एक बड़ी बात कबूली है।
रूस (Russia) और यूक्रेन (Ukraine) के बीच चल रहे युद्ध को 43 महीने पूरे होने वाले हैं। 24 फरवरी, 2022 को रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया था और तभी से यह युद्ध जारी है। युद्ध की शुरुआत में लगा था कि रूसी सेना कुछ दिन में ही जीत हासिल कर लेगी, लेकिन लगातार मिले इंटरनेशनल सपोर्ट की वजह से यूक्रेनी सेना अभी भी रूसी सेना के सामने डटी हुई है। इस युद्ध में यूं तो कई नाटो (NATO) देशों ने यूक्रेन की मदद की है, लेकिन यूक्रेन को सबसे ज़्यादा मदद अमेरिका (United States Of America) से मिली है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इस युद्ध के बारे में एक बड़ी बात कह दी है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बारे में ट्रंप ने एक हैरान करने वाली कबूली है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ओवल हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "हम रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध पर कोई पैसा खर्च नहीं कर रहे हैं। युद्ध की फंडिंग नाटो कर रहा है क्योंकि नाटो हमसे हथियार खरीदता है और वो यूक्रेन को देता है। दरअसल मैं इस युद्ध से पैसा कमाना नहीं चाहता, लेकिन अमेरिका की वास्तव में इस युद्ध से कमाई हो रही है क्योंकि यूक्रेन के लिए नाटो हमसे हथियार खरीद रहा है।"
ट्रंप, भारत (India) पर इस युद्ध में रूस के हमले की फंडिंग का आरोप लगा चुके हैं। ट्रंप ने अलग-अलग मौकों पर कहा है कि भारत, रूसी तेल खरीद रहा है जिससे यूक्रेन के खिलाफ इस युद्ध में रूस को फंडिंग मिल रही है। हालांकि भारत, रूस से पुराने और मज़बूत संबंध होने और अच्छा डिस्काउंट मिलने की वजह से तेल खरीद रहा है। युद्ध पर भारत का पक्ष हमेशा से शांति का ही रहा है और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने हमेशा कहा है कि यह युद्ध का नहीं, शांति का दौर है।
ट्रंप का कबूलनामा कि अमेरिका को रूस-यूक्रेन युद्ध से कमाई हो रही है, मन में यह सवाल भी पैदा करता है कि क्या ट्रंप नहीं चाहते कि यह युद्ध जल्द खत्म हो? ट्रंप अब तक कई बार कह चुके हैं कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध को रुकवाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। लेकिन जिस तरह से वह इस बात को कबूल रहे हैं कि अमेरिका की इस युद्ध से कमाई हो रही है, उससे ऐसा लगता है कि ट्रंप नहीं चाहते कि युद्ध का जल्द अंत हो।