
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। पिछली लगातार 9 रात अमेरिका ने ईरान पर हमले किए हैं, जिसके जवाब में बहरीन (Bahrain) और कुवैत (Kuwait) में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के हमले भी नहीं रुक रहे। हाल ही में ईरान ने जॉर्डन (Jordan) में अमेरिका के एक सैन्य ठिकाने पर हमला किया, जिसमें 2 अमेरिकी सैनिक मारे गए। यह हमला मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस (Muwaffaq Salti Air Base) पर किया गया। इस घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को एक बार फिर धमकी दे दी है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "जब भी ईरान किसी अमेरिकी सैनिक की जान लेगा, तो उसे उस हत्या की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। यह निर्देश युद्ध मामलों के मंत्री (रक्षा मंत्री) पीट हेग्सेथ (Pete Hegseth), जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैनियल केन (Daniel Caine) और सेना के हर लीडर को दे दिया गया है।"
अमेरिकी सैनिकों की मौत पर ट्रंप की धमकी के बाद जल्द ही ईरान के खिलाफ फिर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई हो सकती है। अमेरिकी सेना को इसके लिए आदेश भी दे दिया गया है। ट्रंप पहले भी कह चुके हैं कि अमेरिकी सैनिकों की जान जाने पर ईरान के खिलाफ सख्त सैन्य कार्रवाई की जाएगी। हालांकि ईरान के नेताओं और सेना ने भी दो-टूक सुना दी है कि अमेरिकी हमलों का करारा जवाब दिया जाएगा और देश के हर एक इंच की रक्षा की जाएगी। अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान की सेना ने हाल ही में में इराक (Iraq), सीरिया (Syria), ओमान (Oman) और कतर (Qatar) पर भी हमले किए।। ऐसे में दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है।
जॉर्डन में मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस पर ईरान के मिसाइल अटैक में मारे गए दोनों अमेरिकी सैनिकों की पहचान हो गई है। 25 वर्षीय टायलर जेम्स फीहान (Tyler James Feehan) और 19 वर्षीय इसाबेला गोंज़ालेस (Isabella Gonzales) ने ईरानी हमले में अपनी जान गंवा दी।