
रणधीर जायसवाल (Photo - Video Screenshot from @MEAIndia)
मालदीव (Maldives) ने गुरुवार को भारत (India) को देय 150 मिलियन डॉलर (करीब 1,100 करोड़ रूपए) कर्ज़ का भुगतान पूरा कर दिया, जो 2019 में एसबीआई - स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI - State Bank of India) द्वारा दी गई सुविधा के तहत लिया गया था। 50 मिलियन डॉलर (करीब 479 करोड़ रूपए) की तीसरी और अंतिम किस्त का भुगतान 17 सितंबर को किया गया, जिससे पिछले दो वर्षों के अधिकांश समय तक भारत द्वारा लगातार लोन को रोल-ओवर करने का सिलसिला समाप्त हो गया। इस मामले में अब भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (Randhir Jaiswal) ने बड़ा अपडेट दिया है।
जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, "मालदीव ने ट्रेज़री बिल का सफलतापूर्वक भुगतान कर दिया है। मालदीव के साथ हमारी लंबे समय से विकास साझेदारी रही है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा मालदीव सरकार के साथ सब्सक्राइब किए गए कुल 150 मिलियन डॉलर के ट्रेज़री बिल में से 50 मिलियन डॉलर की आखिरी किस्त का निपटान 17 सितंबर, 2026 को सफलतापूर्वक किया गया। इन बिलों को SBI ने 2019 से सब्सक्राइब किया था और अब तक इन्हें 6 बार, हर बार एक साल के लिए बढ़ाया गया था। यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि जहाँ ट्रेजरी बिल की मूल राशि का भुगतान मालदीव सरकार ने किया, वहीं पिछले 5 वर्षों में 150 मिलियन डॉलर मूल्य के सभी ट्रेज़री बिलों पर ब्याज का भुगतान भारत सरकार ने किया। मालदीव की मदद के लिए भारत ने 45 मिलियन डॉलर (करीब 430 करोड़ रूपए) ब्याज का भुगतान किया।"
जायसवाल ने बताया कि भारत द्वारा ट्रेज़री बिल को लंबे समय तक सपोर्ट देना और समय-समय पर उन्हें रिन्यू करना, भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी पहले) और डेवलपमेंट पार्टनरशिप पॉलिसी का एक अहम हिस्सा है।
भारत लंबे समय से मालदीव की मदद कर रहा है। प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जयसवाल ने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, भारत ने मालदीव के फाइनेंशियल सिस्टम को सपोर्ट करने के लिए 30 बिलियन रूपए की करेंसी स्वैप सुविधा भी दी है। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 350 मिलियन डॉलर (करीब 3,360 करोड़ रूपए) के ट्रेज़री बॉन्ड भी खरीदे हैं, जो 2029 और 2030 तक वैध हैं।"
Updated on:
18 Sept 2026 07:15 pm
Published on:
18 Sept 2026 07:09 pm
