
EU से टकराव बढ़ा, रूस ने यूरोपीय सांसदों और अधिकारियों पर कसा शिकंजा, Photo Source (IANS)
Russia Entry Ban List: रूस के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि 23 जुलाई को अपनाए गए EU के रूस-विरोधी प्रतिबंधों के 21वें पैकेज के जवाब में उसने EU प्रतिनिधियों के लिए एंट्री बैन लिस्ट काफी बढ़ा दी है। मंत्रालय ने EU के फैसलों को "गैर-कानूनी" बताया और कहा कि सूची में यूरोपीय संस्थानों, EU सदस्य देशों और ब्रसेल्स की रूस-विरोधी नीति का समर्थन करने वाले कई यूरोपीय देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, सूची में वे लोग शामिल हैं जो यूक्रेन को सैन्य सहायता देने, रूस की क्षेत्रीय अखंडता को कमजोर करने वाली गतिविधियों को अंजाम देने, रूस-विरोधी प्रतिबंध लगाने, तीसरे देशों के साथ रूस के संबंधों को नुकसान पहुंचाने और रूसी समुद्री नेविगेशन में बाधा डालने जैसे फैसलों में शामिल रहे हैं।
मंत्रालय के अनुसार, रूस के प्रति शत्रुतापूर्ण रुख रखने वाले यूरोपीय देशों के 'नागरिक कार्यकर्ताओं' और शैक्षणिक समुदायों के प्रतिनिधियों के खिलाफ भी प्रतिबंधात्मक उपाय किए गए हैं। साथ ही, EU सदस्य देशों की राष्ट्रीय संसदों और यूरोपीय संसद के उन सदस्यों पर भी कार्रवाई हुई है जिन्होंने रूस-विरोधी प्रस्तावों और कानूनों के मसौदे के पक्ष में मतदान किया था।
इस बीच, विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि, रूस ने जापान से अपने क्षेत्र से अमेरिकी टाइफॉन सिस्टम हटाने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि 3 सितंबर को मॉस्को और टोक्यो में जापानी पक्ष को विरोध पत्र भेजा गया, जो क्यूशू द्वीप पर अमेरिकी जमीन-आधारित टाइफॉन सिस्टम की तैनाती को लेकर था। इन्हें मध्यम और कम दूरी की मिसाइलें दागने के लिए डिजाइन किया गया है। जखारोवा ने कहा कि जापानी क्षेत्र में टाइफॉन लॉन्चर की तैनाती किसी भी बहाने से स्वीकार्य नहीं है और इन्हें हटाने की मांग की।
जखारोवा ने कहा कि जापान को द्वितीय विश्व युद्ध के नतीजों को पूरी तरह स्वीकार करना चाहिए, जिसमें दक्षिणी कुरील द्वीपों से जुड़े क्षेत्रीय पहलू भी शामिल हैं, और सैन्यीकरण का रास्ता छोड़ देना चाहिए। 1 सितंबर को व्लादिवोस्तोक में ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में उन्होंने कहा कि जापानी दूतावास को साफ बता दिया गया था कि जापानी इलाके में ऐसे हथियारों की तैनाती, सैन्य अभ्यास के बहाने भी, बिल्कुल मंजूर नहीं है, क्योंकि इससे रूस की सुरक्षा को खतरा है।
Updated on:
18 Sept 2026 11:59 pm
Published on:
18 Sept 2026 11:59 pm
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