Strait of Hormuz Update: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट की फोटो शेयर की है, लेकिन इसका नाम बदल दिया है। क्या है पूरा मामला? आइए नज़र डालते हैं।
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर भी तनातनी चल रही है। ईरान पर दबाव बनाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने होर्मुज स्ट्रेट में नाकेबंदी कर रखी है जो सिर्फ इस जलमार्ग पर ही नहीं, बल्कि ईरानी पोर्ट्स पर भी असर डाल रही है। ट्रंप के इस फैसले की वजह से ईरान ने भी होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया है। इसी बीच अब ट्रंप ने सोशल मीडिया पर होर्मुज स्ट्रेट की एक विवादित फोटो शेयर की है।
सोशल मीडिया पर एक यूज़र ने होर्मुज स्ट्रेट की फोटो पोस्ट करते हुए इसे 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' (Strait of Trump) बताया। ट्रंप ने भी इस फोटो को शेयर करते हुए अपनी मुहर लगा दी।
यह पहला मौका नहीं है जब ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' बताया है। पिछले महीने फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव प्रायोरिटी समिट में बोलते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था, "हम इस बारे में समझौते के लिए बातचीत कर रहे हैं। अगर हम कुछ कर सके तो अच्छा होगा। लेकिन उन्हें 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' को खोलना होगा। मेरा मतलब है, होर्मुज स्ट्रेट। माफ कीजिए, मुझे खेद है। कितनी बड़ी गलती हो गई। फर्जी न्यूज़ कहेंगी कि ट्रंप ने गलती से कह दिया। मेरे साथ कोई गलती नहीं होती। ऐसा बहुत कम ही होता है।"
ट्रंप ने साफ कर दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट और ईरानी पोर्ट्स से अमेरिकी नाकेबंदी नहीं हटेगी। ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि नाकेबंदी बमबारी से ज़्यादा प्रभावी है और ऐसे में अमेरिकी नेवी इसे जारी रखेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने नाकेबंदी को हटाने के लिए परमाणु समझौते को ज़रूरी बताया और कहा कि जब तक ईरान परमाणु समझौता करने के लिए राज़ी नहीं होता, तब तक नाकेबंदी नहीं हटेगी। ट्रंप ने बताया कि ईरान नहीं चाहता कि अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहे और वो समझौता करना चाहता है। इस बातचीत के दौरान अमेरकी राष्ट्रपति ने साफ कर दिया कि वह नहीं चाहते कि ईरान के पास परमाणु हथियार हो और ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए वह नाकेबंदी को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।