अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा ग्रीनलैंड विवाद पर इमरजेंसी G-7 बैठक बुलाने की अपील को ठुकरा दिया है। ट्रंप ने मीडिया से कहा कि वह बैठक में शामिल नहीं होंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए वाशिंगटन के दबाव के बीच बढ़ते तनाव को लेकर फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की इमरजेंसी G-7 मीटिंग की अपील को ठुकरा दिया है।
ट्रंप ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह प्रस्तावित मीटिंग में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा- मैं मीटिंग में नहीं जाने वाला हूं। क्योंकि इमैनुएल बहुत लंबे समय तक वहां नहीं रहने वाले हैं और वहां कोई स्थिरता नहीं है।
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल मीडिया अकाउंट पर मैक्रों के मैसेज का एक स्क्रीनशॉट पोस्ट किया। जिसमें वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति को G7 मीटिंग के लिए इनवाइट किया गया था।
मैक्रों ने कहा था कि फ्रांस और अमेरिका सीरिया पर एक ही राय रखते हैं और ईरान में बड़े काम कर सकते हैं, लेकिन वे ग्रीनलैंड पर उनके रुख को नहीं समझते हैं।
मैक्रों ने ट्रंप को लिखे मैसेज में कहा- मेरे दोस्त, हम सीरिया पर पूरी तरह से एक ही राय रखते हैं। हम ईरान पर बड़े काम कर सकते हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि आप ग्रीनलैंड पर क्या कर रहे हैं। आइए कुछ बड़े काम करने की कोशिश करें।
मैक्रों ने आगे लिखा- मैं गुरुवार दोपहर को पेरिस में दावोस के बाद G7 मीटिंग का आयोजन कर सकता हूं। मैं यूक्रेनियन, डेनिश, सीरियाई और रूसियों को साइड में इनवाइट कर सकता हूं। आपके अमेरिका लौटने से पहले गुरुवार को पेरिस में साथ में डिनर करते हैं।
इसके अलावा, जब ट्रंप से पूछा गया कि वह ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए कितनी दूर तक जाने को तैयार हैं, तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा- आपको पता चल जाएगा।
ट्रंप ने आगे नाटो पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- मैंने नाटो के लिए किसी भी जीवित या मृत व्यक्ति से ज्यादा किया है। लेकिन नाटो को भी हमारे साथ सही व्यवहार करना होगा।
ट्रंप ने कहा- नाटो के साथ मेरा सबसे बड़ा डर यह है कि हम नाटो पर बहुत ज्यादा पैसा खर्च करते हैं और मुझे पता है कि हम उनकी मदद के लिए आएंगे, लेकिन मुझे सच में इस बात पर शक है कि वे हमारी मदद के लिए आएंगे या नहीं।