
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। दोनों देशों के बीच एक बार फिर हमले शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसा हुआ तो मिडिल ईस्ट (Middle East) में हालात काफी बिगड़ सकते हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बड़ा फैसला लिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने वॉशिंगटन में अर्लिंग्टन मेमोरियल ब्रिज के पास बनने वाले ट्रायम्फल आर्च (Triumphal Arch) यानी विजय स्मारक को राष्ट्रीय सुरक्षा के मकसद से एक मिलिट्री कॉम्प्लेक्स (Military Complex) में बदलने के लिए आज मंज़ूरी दे दी है।
ट्रंप ने बताया कि इस मिलिट्री कॉम्प्लेक्स का इस्तेमाल ड्रोन्स और स्नाइपर को रखने और तैनात करने के साथ ही गोला-बारूद का स्टोरेज करने के लिए किया जाएगा। इस मिलिट्री कॉम्प्लेक्स में छत और प्लाज़ा, दोनों जगहों पर बड़ी संख्या में ड्रोन्स और स्नाइपर का तेज़ी से इस्तेमाल करने की क्षमता होगी।
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने अमेरिकी सेना की रिक्वेस्ट पर देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वॉशिंगटन ट्रायम्फल आर्च को मिलिट्री कॉम्प्लेक्स बनाने का फैसला लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार ऐसा मिलिट्री कॉम्प्लेक्स दुनिया में और कही नहीं होगा। हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि वॉशिंगटन ट्रायम्फल आर्च के तौर पर इसका इस्तेमाल नहीं होगा। यह विजय स्मारक भी रहेगा और इसके साथ ही मिलिट्री कॉम्प्लेक्स के तौर पर भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा। दुनिया के 59 टॉप शहरों/राजधानियों में से वॉशिंगटन डीसी ही एकमात्र राजधानी है, जहाँ विजय स्मारक नहीं है। लेकिन जल्द ही इसका निर्माण होगा और फिर मिलिट्री कॉम्प्लेक्स के तौर पर भी इसका इस्तेमाल होगा।
ट्रंप ने बताया कि कई वर्षों पहले सिविल वॉर के समय से ही वॉशिंगटन डीसी में विजय स्मारक बनाने का प्लान था। अमेरिकी राजधानी में बनने वाला वॉशिंगटन ट्रायम्फल आर्च 250 फीट ऊंचा होगा और इसे बनाने में 100 मिलियन डॉलर से 400 मिलियन डॉलर (करीब 959 करोड़ रूपए से 3800 करोड़ रूपए) तक खर्चा होने का अनुमान है।