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‘ईरान के पास कोई विकल्प नहीं!’ ट्रंप ने वार्ता से पहले तेहरान को धमकी दी

US Iran Conflict: डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अगर पाकिस्तान में बातचीत से कोई समझौता नहीं हो पाता है तो ईरान पर हमला करने के लिए अमेरिकी युद्धपोतों को हथियारों से लैस किया जा रहा है।

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Apr 10, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- ANI)

Trump Iran Truth Social: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को साफ चेतावनी दी है कि अगर आगामी बातचीत में कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका नए और अधिक घातक हमले करेगा। न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए एक विशेष साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी युद्धपोतों को अब तक के सबसे आधुनिक हथियारों और गोला-बारूद से लैस किया जा रहा है।

ट्रंप ने कहा, 'हम एक नई शुरुआत कर रहे हैं। हम जहाजों को बेहतरीन गोला-बारूद और अब तक के सबसे बेहतरीन हथियारों से लैस कर रहे हैं। अगर समझौता नहीं हुआ तो हम उनका इस्तेमाल करेंगे और बहुत प्रभावी ढंग से करेंगे।' उन्होंने आगे कहा कि ईरानियों के पास कोई विकल्प नहीं बचा है। वे सिर्फ इसलिए जीवित हैं क्योंकि उनके पास कोई चारा नहीं है।

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पाकिस्तान में प्रस्तावित वार्ता पर दबाव

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान में होने वाली बातचीत अगर असफल रही तो ईरान पर हमला करने के लिए अमेरिकी नौसेना पूरी तरह तैयार है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय तनाव और प्रतिबंधों को लेकर नई वार्ता शुरू होने वाली है।

ईरान का जवाब: लेबनान पर युद्धविराम का पालन जरूरी

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को चेताया कि उसे लेबनान में युद्धविराम संबंधी अपनी प्रतिबद्धताओं का सख्ती से पालन करना चाहिए। अराघची ने लेबनान में ईरान के नामित राजदूत मोहम्मद रजा शिबानी से फोन पर बातचीत में कहा कि युद्धविराम समझौते में लेबनान को भी शामिल किया जाए।

उन्होंने इजरायल द्वारा लेबनान पर लगातार हो रहे हमलों की निंदा की और कहा कि युद्धविराम के मुताबिक ये हमले तुरंत बंद होने चाहिए। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर ग़ालिबफ़ ने भी पहले कहा था कि लेबनान तक युद्धविराम का विस्तार किए बिना अमेरिका के साथ कोई वार्ता आगे नहीं बढ़ सकती।

ईरानी जनता में बेसब्री और चिंता

ईरान के लोग पाकिस्तान में प्रस्तावित वार्ता के नतीजे का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कई लोग याद दिलाते हैं कि पहले भी दो दौर की वार्ताओं के बाद युद्ध हुआ था। इसलिए इस बार भी पूर्ण युद्धविराम की उम्मीद कम है।

ईरानी नागरिक इस बात से चिंतित हैं कि क्या इन वार्ताओं से सालों से लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों का अंत होगा। अगर प्रतिबंध हटे तो देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा सकारात्मक बदलाव आ सकता है। फिलहाल ईरानी सड़कों पर सरकार के प्रति समर्थन प्रदर्शन जारी हैं। लोग एकजुटता दिखा रहे हैं और मजबूत स्थिति के साथ वार्ता की मांग कर रहे हैं।

ट्रंप की धमकी से बढ़ा तनाव

ट्रंप की इस आक्रामक धमकी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ा दिया है। विश्लेषक मानते हैं कि दोनों पक्षों के बीच सख्त शब्दों के बावजूद वार्ता टेबल पर कुछ समझौते की गुंजाइश अभी भी बाकी है। लेकिन ईरान स्पष्ट रूप से कह चुका है कि वह क्षेत्रीय सुरक्षा और लेबनान जैसे मुद्दों पर किसी भी समझौते से समझौता नहीं करेगा।

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