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ट्रंप-शी मुलाकात से पहले जापान-कोरिया में बढ़ी बेचैनी, डैमेज कंट्रोल करने में जुटे मार्को रुबियो

Donald Trump- Xi Jinping Meeting: ट्रंप-शी मुलाकात से पहले जापान और दक्षिण कोरिया में बेचैनी बढ़ गई है। मार्को रुबियो की कोरिया-जापान विदेश मंत्रियों से मुलाकात ने हलचल बढ़ा दी है।
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Sep 21, 2026
Donald Trump Xi Jinping
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीनी समकक्ष शी जिनपिंग के साथ । (Photo- IANS)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के नेता शी जिनपिंग की इस हफ्ते होने वाली बैठक से पहले जापान और दक्षिण कोरिया जैसे करीबी दोस्त देशों में भारी बेचैनी है। वे डर रहे हैं कि ट्रंप ताइवान या व्यापार के मुद्दे पर चीन को कुछ रियायतें दे सकते हैं, जिससे इन देशों की स्थिति कमजोर हो सकती है।

इस अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की एक मुलाकात ने हलचल बढ़ा दी है। न्यूयॉर्क में सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून और जापान के तोशिर्मित्सु मोटेगी से मुलाकात की। तीनों ने होटल में फोटो खिंचवाई लेकिन पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं दिया।

जिनपिंग से मिलने वाले हैं ट्रंप

यह बैठक ऐसे समय हुई जब ट्रंप गुरुवार को व्हाइट हाउस में शी जिनपिंग की मेजबानी करने वाले हैं। जापान और दक्षिण कोरिया दोनों ही चिंतित हैं कि ट्रंप चीन से आर्थिक फायदा लेने के लिए ताइवान जैसे संवेदनशील मुद्दे पर नरमी दिखा सकते हैं।

जापानी प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची पिछले साल ताइवान मुद्दे पर बयान देकर चीन को नाराज कर चुकी हैं। वे भी ट्रंप से मिलने की कोशिश कर रही हैं। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग भी संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ट्रंप से मुलाकात चाहते हैं। तीनों नेता मंगलवार को न्यूयॉर्क में भाषण देंगे।

दक्षिण कोरिया का 350 अरब डॉलर का निवेश

दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच पिछले साल हुए व्यापार समझौते के तहत सियोल अमेरिका में 350 अरब डॉलर का निवेश करने वाला है। दोनों देश अभी इसकी डिटेल्स पर बातचीत कर रहे हैं।

सोमवार को दक्षिण कोरिया के एक विपक्षी सांसद ने इस पैकेज पर संसद में जांच की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि ऊर्जा परियोजनाओं में सियोल पर ज्यादा आर्थिक बोझ पड़ सकता है।

जापान भी पूरी तरह से एक्टिव

जापानी सरकार के सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ताकाइची ट्रंप-शी मुलाकात से पहले ट्रंप का ध्यान अपनी तरफ खींचने की कोशिश कर रही हैं। ताइवान मुद्दे पर उनका पिछला बयान चीन को नागवार गुजरा था।

दोनों सहयोगी देश चाहते हैं कि अमेरिका उनके हितों को ध्यान में रखकर ही चीन से बात करे। रुबियो की इस मुलाकात से साफ है कि अमेरिका अपने एशियाई सहयोगियों को भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन ट्रंप की चीन नीति हमेशा से अलग और अप्रत्याशित रही है।

गुरुवार की बैठक में क्या होता है, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। जापान और दक्षिण कोरिया दोनों ही अपने आर्थिक और सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए सक्रिय दिख रहे हैं।

Updated on:
21 Sept 2026 09:57 pm
Published on:
21 Sept 2026 09:57 pm