
दुनियाभर में जैव विविधता घट रही है, फिर भी वैज्ञानिक पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ी से जीवों की नई प्रजातियों (New Species Of Creatures) की खोज कर रहे हैं। इसी कड़ी में अब अफ्रीकी देश अंगोला (Angola) में वैज्ञानिकों को कामयाबी मिली है। अंगोला के एक दूरदराज इलाके में वैज्ञानिकों ने जीवों की दर्जनों ऐसी प्रजातियों का पता लगाया है, जो अब तक अज्ञात थीं। पूर्वी अंगोला के लिसिमा पठार में कुछ महीने पहले यह अभियान चलाया गया।
वैज्ञानिकों ने बताया कि इस इलाके में दलदली भूमि, आर्द्रभूमियाँ, घास के मैदान और वन क्षेत्र मौजूद हैं। इस इलाके में मिलीं नई प्रजातियों में सबसे खास एक 'क्राउंड क्रैब स्पाइडर' है। यह मकड़ी पराबैंगनी रोशनी में नीली चमक छोड़ती है। वैज्ञानिक अभी तक यह नहीं समझ पाए हैं कि ऐसा क्यों होता है।
वैज्ञानिकों को एक 'लेडीबर्ड ऑर्ब-वेब स्पाइडर' भी मिली है, जो जहरीले लेडीबर्ड बीटल जैसी दिखती है। माना जाता है कि यह समानता उसे शिकारी जीवों से बचाने में मदद करती है। अभियान के दौरान दर्ज की गई 103 ड्रैगनफ्लाई और डैमसेलफ्लाई प्रजातियों में से 8 विज्ञान के लिए नई पाई गईं। इसके अलावा पतंगों की 8 नई प्रजातियाँ और 3 नई टिड्डी, कैटिडिड और झींगुर प्रजातियाँ भी दर्ज की गईं। विस्तृत ररिसर्च के बाद नई प्रजातियों की संख्या और बढ़ सकती है।
इस अभियान के प्रमुख रॉब टेलर ने बताया कि यह सर्वेक्षण वर्षा ऋतु के चरम समय में किया गया। कई बार अभियान दल की गाड़ियाँ पूरे दिन कीचड़ में फंसी रहीं। टीम को इंजन संबंधी खराबियों, ब्रेक फेल होने जैसी तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा। इसके अलावा कई सदस्य मलेरिया से भी संक्रमित हुए। जब भी अभियान रुकताम तब वो आसपास की दलदली भूमि, जंगलों और आर्द्रभूमियों का सर्वेक्षण शुरू कर देते थे।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि लिसिमा पठार की सबसे संवेदनशील प्रजातियाँ वो हैं जो खास तरह के आवास पर निर्भर हैं। कुछ तितलियाँ सिर्फ विशिष्ट पौधों पर ही निर्भर रहती हैं। खनन, जंगलों की कटाई, आग या झूम खेती जैसी गतिविधियाँ इनके अस्तित्व के लिए खतरा बन सकती हैं। ऐसे में इनका संरक्षण ही सबसे बड़ी चुनौती है।