
रूस के साथी ईरान ने युद्ध पर साफ किया अपना रुख | फोटो सोर्स- ANI
Iran on Russia Ukraine: रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक नया बयान जारी कर साफ कह दिया है कि इस युद्ध में शामिल होने में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं है। ईरान ने साफ शब्दों में कहा है कि वह इस लड़ाई को बढ़ावा नहीं देना चाहता, बल्कि इसे रोकना चाहता है। ईरान ने यह भी कहा कि अगर दोनों देश चाहें, तो वह इस विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थता करने को पूरी तरह तैयार है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष पर अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है। तेहरान का कहना है कि इस जंग में ईरान की हमेशा से यही कोशिश रही है कि दोनों देशों के बीच जारी इस तनाव को कम किया जाए और हालात को दोबारा सामान्य बनाया जा सके। सिर्फ इतना ही नहीं, ईरान ने एक कदम आगे बढ़ते हुए यह प्रस्ताव भी रखा है कि यदि दोनों पक्षों को जरूरत महसूस हो, तो वह इस विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने को भी तैयार है।
दूसरी तरफ मिडिल ईस्ट में भी हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सीरियाई क्षेत्र में इजरायली सेना की घुसपैठ की कड़े शब्दों में निंदा की है। गुटेरेस ने साफ कहा कि गोलन हाइट्स के रास्ते सीरियाई इलाके में इजरायल का आगे बढ़ना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता और इस सैन्य कार्रवाई को तुरंत रोका जाना चाहिए।
UN चीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि इजरायल का यह कदम साल 1974 में हुए 'डिसएंगेजमेंट ऑफ फोर्सेज एग्रीमेंट' (सैन्य बलों की वापसी समझौता) का सीधा उल्लंघन है, जो 1973 के युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच शांति के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की आजादी और उसकी सीमाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब दिसंबर 2024 में सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को सत्ता छोड़नी पड़ी थी। सीरिया के इस राजनीतिक बदलाव का फायदा उठाते हुए इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने अपनी सेना को गोलन हाइट्स के बफर जोन पर पूरी तरह कब्जा करने का आदेश दे दिया था। आपको बता दें कि इजरायल ने साल 1967 से ही सीरिया के गोलन हाइट्स वाले हिस्से पर कब्जा कर रखा है। खास बात यह है कि संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस इस समय खुद सीरिया के दौरे पर हैं। पिछले 17 सालों में यह पहली बार है जब संयुक्त राष्ट्र का कोई मुख्य अधिकारी सीरिया की यात्रा पर आया है।
Updated on:
26 Jul 2026 08:56 am
Published on:
26 Jul 2026 08:35 am
