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डीआर कांगो में नहीं थम रहा इबोला वायरस, संक्रमित मामलों की संख्या 8,000 पार

Ebola Outbreak In DR Congo: डीआर कांगो में इबोला के मामले बढ़ते जा रहे हैं। देश में इबोला से 8,000 से ज़्यादा लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हो गई है।
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Sep 28, 2026
Ebola outbreak in DR Congo
डीआर कांगो में इबोला का प्रकोप जारी (Photo - ANI)

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य/डीआर कांगो (Democratic Republic Of Congo / DR Congo) में इबोला (Ebola) वायरस का प्रकोप अभी भी जारी है। कांगो में इबोला के बंडीबुग्यो स्ट्रेन ने लोगों की चिंता बढ़ाई हुई है। यह इसलिए चिंता का विषय है क्योंकि एक्सपर्ट्स के अनुसार इस स्ट्रेन के लिए अब तक कोई वैक्सीन या विशिष्ट इलाज विकसित नहीं किया जा सका है। बिना किसी वैक्सीन या विशिष्ट इलाज के बीच इस बीमारी के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं।

संक्रमित मामलों की संख्या 8,000 पार

डीआर कांगो में इबोला के कुल मामलों की संख्या 8,000 पार हो गई है। सरकार की तरफ से यह आंकड़ा जारी किया गया, जिसकी जानकारी देश के स्वास्थ्य अधिकारियों ने दी। शनिवार तक स्क्रीनिंग के बाद देश में इबोला के कुल मामलों की संख्या 8,067 थी।

मरने वालों की संख्या 4,000 के करीब

डीआर कांगो में इबोला की वजह से मरने वालों की संख्या 4,000 के करीब पहुंच गई है। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़े के अनुसार इस बीमारी की वजह से देश में अब तक 3,901 मौतों की पुष्टि हो चुकी है और मृत्यु दर 48.4% रही है। अभी मरने वालों की संख्या और बढ़ने का खतरा बना हुआ है क्योंकि इबोला का बंडीबुग्यो स्ट्रेन काफी संक्रमणकारी है।

कितने मरीज हुए स्वस्थ?

हालांकि डीआर कांगो में इबोला के मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़े के अनुसार इस बीमारी से अब तक 2,070 मरीज ठीक हो चुके हैं।

WHO ने दी चेतावनी

इसी बीच वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइज़ेशन - डब्ल्यूएचओ (World Health Organization - WHO) ने चेतावनी दी है कि डीआर कांगो में इबोला यह प्रकोप अभी भी बड़े पैमाने पर है और भौगोलिक रूप से फैल रहा है। इसी वजह से इसका लगातार संक्रमण जारी है।

बीमारी से निपटने के प्रयासों में आ रही रुकावटें

डीआर कांगो में इबोला से निपटने के प्रयासों में कई कारणों से रुकावटें आ रही हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का कमजोर होना, पोस्टमार्टम टेस्टिंग को लेकर समुदाय का विरोध, स्टैंडर्ड इबोला ट्रीटमेंट सेंटर्स में क्षमता की कमी, संक्रमण से बचाव और नियंत्रण के सामान की कमी और फंड की कमी। लैबोरेटरी की क्षमता पर दबाव के कारण काफी परेशानी आ रही है। इसी वजह से कई टेस्ट के नतीजे अभी भी पेंडिंग हैं।

क्या हैं इबोला के लक्षण?

ईबोला संक्रमण की शुरुआत में तेज़ बुखार, थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश और कमजोरी होती है। बाद में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चकत्ते, आँखों का लाल होना, किडनी में परेशानी आना और मुंह, नाक, आंखों से खून आने जैसे लक्षण भी दिखने लगते हैं।

Updated on:
28 Sept 2026 09:09 pm
Published on:
28 Sept 2026 08:54 pm