
अमेरिका (United States of America) की खुफिया एजेंसी एफबीआई (FBI) के डिप्टी डायरेक्टर क्रिस राया (Chris Raia) ने हाल ही में एक बड़ी चेतावनी दी है। एक इंटरव्यू में राया ने कहा कि जिस तरह रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) और मिडिल ईस्ट की जंग (Middle East War) में बैटलफील्ड-स्टाइल ड्रोन अटैक (Drone Attack) देखने को मिले हैं, उससे आने वाले समय में अमेरिका पर भी ऐसे हमलों का खतरा है और वो समय दूर नहीं, जब अमेरिका में इस तरह के मामले देखने को मिल सकते हैं।
एफबीआई के डिप्टी डायरेक्टर राया के अनुसार सस्ती और एडवांस ड्रोन टेक्नोलॉजी अब काफी सामान्य हो गई है। कोई भी व्यक्ति दूर देश से बैठकर अमेरिका के ऊपर ड्रोन को कंट्रोल कर सकता है। इन ड्रोन्स को 5G/LTE से कनेक्ट किया जा सकता है, जिससे इन्हें एक्सेस करना बेहद आसान हो सकता है। रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट की जंग में इस तरह के ड्रोन्स का काफी इस्तेमाल हुआ और ये ड्रोन अटैक काफी असरदार भी रहे। कॉम्बैट ड्रोन्स आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं और ये काफी सस्ते भी हैं। एआई का इस्तेमाल इन्हें और खतरनाक बनाता है। तेज़ी से बढ़ती टेक्नोलॉजी के दौर में आतंकी भी इसकी ट्रेनिंग ले रहे हैं क्योंकि पुराने तरीकों पर निर्भरता अब पहले जितनी प्रभावी नहीं मानी जाती। दुनियाभर में अमेरिका के दुश्मनों की कमी नहीं है और ऐसे में खतरा और भी बढ़ जाता है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये ड्रोन्स बेहद खतरनाक होते हैं। इस तरह के हमलों को रोका जा सकता है, लेकिन उस स्थिति में भी इनका मलबा नुकसान पहुंचा सकता है। एफबीआई के अनुसार आने वाले समय में संभावित ड्रोन अटैक्स से अमेरिकी बुनियादी ढांचा, भीड़भाड़ वाली जगह, आवासीय इमारतें, सरकारी दफ्तर, एयरपोर्ट्स और बंदरगाहों को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार तैयारी और टेक्नोलॉजी इन्वेस्टमेंट बढ़ाए बिना इस खतरे को रोका नहीं जा सकता।
अमेरिका के डिफेंस सिस्टम (American Defense System) को दुनिया का सबसे मज़बूत डिफेंस सिस्टम मज़बूत माना जाता है। 2026 में अमेरिका का सैन्य बजट लगभग 900 बिलियन से 1 ट्रिलियन डॉलर है। अमेरिकी डिफेंस सिस्टम में THAAD, पैट्रियट, एजिस जैसे मिसाइल डिफेंस सिस्टम्स शामिल हैं।