
Tourist Visas : दुबई इमिग्रेशन विभाग ने वीजा के लिए आवेदन करने वाले पर्यटकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश लागू किए हैं, अब उन्हें होटल आरक्षण और वापसी टिकट का प्रूफ प्रस्तुत करना होगा। इस परिवर्तन से टूरिस्ट और ट्रैवल वीजा दोनों प्रभावित हुए हैं। होटल बुकिंग के साथ क्यूआर कोड और वापसी टिकट को अनिवार्य किया गया है और इन डॉक्यूमेंट्स को इमिग्रेशन की वीजा आवेदन की वेबसाइट के माध्यम से प्रस्तुत करना होगा। इस तरह की रिपोर्ट हैं कि कई आवेदकों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करवाराने में कठिनाइयों के कारण प्रक्रिया में देर होने का सामना करना पड़ रहा है। इसके पहले, यात्रियों को हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन अधिकारियों के अनुरोध पर केवल होटल बुकिंग और वापसी टिकट दिखाने के लिए कहा जाता था, लेकिन अब इसे वीजा आवेदन की शर्त बना दिया गया है। ध्यान रहे कि पाकिस्तान जैसे कई देशों के यात्रियों के लिए पहले ही इस तरह के वीजा आवेदन नियम लागू हो चुके हैं, अब इन नियमों को भारत के लिए भी अनिवार्य किया गया है।
संशोधित नियमों के तहत, होटल बुकिंग और वापसी टिकट अब वैकल्पिक नहीं हैं। आवेदकों को आवेदन के समय इन दस्तावेज इमिग्रेशन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। केवल ट्रैवल एजेंसियों को ही पर्यटक वीजा के लिए आवेदन जमा करने की अनुमति है, जबकि यात्रा वीजा व्यापारिक कंपनियों, व्यक्तियों या परिवार भी प्रोसेस कर सकते हैं और दोनों प्रकार के वीजा के लिए समान दस्तावेजीकरण आवश्यकताएं लागू होंगी।
दस्तावेजों में बदलाव के अलावा, आवेदकों को अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड के माध्यम से पर्याप्त वित्तीय संसाधनों का भी प्रदर्शन करना होगा। दो महीने के वीजा के लिए न्यूनतम आवश्यकता 5,000 दिरहम और तीन महीने के वीज़ा के लिए 3,000 दिरहम निर्धारित किया गया है।
भारतीय पासपोर्ट धारकों के पास कई अन्य वीजा विकल्प भी उपलब्ध हैं, जिनमें 14 दिन के लिए सर्शत वीजा-ऑन-अराइवल, नॉन-एक्सटेंडेबल 60 दिवसीय वीज़ा और बार-बार यात्रा की सुविधा के लिए डिजाइन किया गया नया पांच-वर्षीय मल्टीपल-एंट्री वीजा शामिल है। बहरहाल पर्यटकों के लिए यह महत्वपूर्ण खबर है।