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Iran Israel War: होर्मुज स्ट्रेट को लेकर हो गई ईरान से डील! किन देशों के जहाज सुरक्षित गुजरेंगे ? आ गया बड़ा अपडेट

Iran Israel War: ईरान इजरायल जंग के बीच बड़ी जानकारी सामने आई है। ईरान ने कहा कि हमने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जापान के जहाजों को सेफ पैसेज देने का फैसला लिया है।

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Mar 21, 2026
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची(Photo-IANS)

Iran Israel War : भारतीय विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि दक्षिण कोरिया, ईरान समेत कई देशों के साथ करीबी बातचीत कर रहा है। ताकि होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही सामान्य हो सके। इधर, तेहरान की तरफ से भी कहा गया है कि वह जापान जाने वाले जहाजों को उस समुद्री रास्ते से गुजरने देने के लिए तैयार है।

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पश्चिम एशिया के हालात पर नजर बनाए हुए हैं

विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि भारत सरकार पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालात पर नजर बनाए हुए है। हम वहां रहने वाले प्रवासी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के उपाय भी ढूंढ रहे हैं। हम तनाव को कम करने के लिए कई देशों के साथ मिलकर बातचीत कर रहे हैं।

जापान के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की मंजूरी

इधर, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बयान भी सामने आया है। इसमें उन्होंने कहा कि टोक्यों के साथ बातचीत के बाद हमने जापान के जहाजों को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने देने का फैसला लिया है। होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के 20 प्रतिशत से ज्यादा तेल ट्रेड होता है।

तेल टैंकरों के सभी लेन ईरानी जलक्षेत्र में आते हैं, जिससे यह स्ट्रेट दक्षिण कोरिया और जापान समेत पूर्वी एशिया के देशों के लिए एक जरूरी लाइफलाइन बन गया है। दक्षिण कोरिया ने कहा कि वह खाड़ी में ईरान के हमलों और होर्मुज स्ट्रेट को असल में बंद करने की निंदा करने वाले अपने जॉइंट स्टेटमेंट में यूरोपीय देशों और जापान समेत सात देशों के साथ शामिल होगा।

हम मिलिट्री ऑपरेशन कम करने पर कर रहे विचार

यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उनका प्रशासन ईरान के खिलाफ अपने मिलिट्री ऑपरेशन को "कम करने" पर विचार कर रहा है, साथ ही उन्होंने साउथ कोरिया, चीन, जापान और दूसरे देशों से होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित करने की जरूरी कोशिशों में शामिल होने को कहा।

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान में अमेरिका अपने लक्ष्यों के काफी करीब पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि अब मिडिल ईस्ट में सैन्य कार्रवाई को धीरे-धीरे कम करने पर विचार किया जा रहा है।

हमारा लक्ष्य ईरान की मिसाइल क्षमता को कम करना

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान की मिसाइल क्षमता और उससे जुड़े सभी सिस्टम को पूरी तरह कमजोर करना है, ईरान के रक्षा उत्पादन ढांचे को नष्ट करना है, उसकी नौसेना और वायुसेना के साथ ही उसके एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम को खत्म करना और यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु क्षमता के करीब न पहुंच सके और अगर ऐसा होता है तो अमेरिका तुरंत और मजबूत प्रतिक्रिया देने की स्थिति में रहे।

Published on:
21 Mar 2026 03:42 pm
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