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US-Israel-Iran War: तेहरान से तेल खरीद पर मिली अमेरिकी छूट तो ईरान का आया बड़ा बयान, कहा- हमारे पास…..

Iran on US oil exemption: ईरान ने अमेरिकी तेल छूट पर बयान दिया, कहा फिलहाल कोई अतिरिक्त कच्चा तेल उपलब्ध नहीं। होर्मुज स्ट्रेट तनाव और वैश्विक तेल कीमतों पर प्रभाव।

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Iran says no floating crude or surplus available, after US eases sanction on Iran crude loaded on vessels as of March 19.

Representative Image (File Photo/ANI)

Iran says no floating crude or surplus available: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद दुनिया के कई देशों को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ा है। ऐसे में अमेरिका की तरफ से ईरानी तेल खरीद को लेकर प्रतिबंधों में 30 दिनों की अस्थायी ढील दी गई है। इसका मतलब है कि 20 मार्च से 19 अप्रैल तक जो भी कच्चा तेल समुद्र में जहाजों में लदा हुआ है, उसे बेचा जा सकता है। लेकिन इस पर ईरान की तरफ से अब जवाब आया है, जो शायद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को पसंद न आए।

ईरान ने क्या कहा?

मुंबई स्थित ईरान के दूतावास द्वारा जारी बयान में कहा गया है, 'फिलहाल, हमारे पास अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए न तो कच्चा तेल उपलब्ध है और न ही कोई अतिरिक्त भंडार। अमेरिकी वित्त मंत्री की टिप्पणियां खरीदारों को आश्वस्त करने और बाजार की स्थिति को नियंत्रित करने के उद्देश्य से प्रतीत होती हैं।'

ईरान के इस बयान से पहले से ही अस्थिर बाजार में और भी चिंताएं बढ़ सकती हैं, क्योंकि पश्चिम एशिया संघर्ष के चौथे सप्ताह में प्रवेश करने के साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है।

अमेरिकी ने ढील क्यों दी?

ईरान को दी गई इस ढील के बारे में अमेरिकी वित्तमंत्री स्कॉट बेसेंट ने X पर पोस्ट करते हुए बताया कि इस फैसले का मकसद पहले से उपलब्ध तेल आपूर्ति जारी रखते हुए वैश्विक बाजार को तेजी से स्थिर करना है। उन्होंने कहा कि इस अस्थायी छूट से लगभग 140 मिलियन बैरल तेल वैश्विक बाजार में उपलब्ध होगा।

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा जारी लाइसेंस के अनुसार, यह छूट 20 मार्च से 19 अप्रैल के बीच जहाजों पर पहले से लदे ईरानी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री की अनुमति देती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अनुमति बहुत सीमित है और इसका विस्तार ईरानी तेल के किसी भी नए उत्पादन या नई खरीद तक नहीं है।

होर्मुज स्ट्रेट बंद को लेकर 20 देशों ने जताई नाराजगी

होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। कई देशों ने मिडिल ईस्ट में ईरान की गतिविधियों की घोर निंदा की और होर्मुज स्ट्रेट बंद करने पर नाराजगी जताई। सभी देशों ने संयुक्त बयान जारी कर ईरान से हमले रोकने की अपील की।

इस बयान में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान, कनाडा, कोरिया गणराज्य, न्यूजीलैंड, डेनमार्क, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, चेकिया, रोमानिया, बहरीन और लिथुआनिया के नेता शामिल हैं।